{"_id":"69d80ff1b1b0ffa4d8084265","slug":"students-at-rajkamal-public-school-found-studying-from-expensive-textbooks-action-being-prepared-hathras-news-c-63-1-sali1025-104716-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: राजकमल पब्लिक स्कूल में महंगी किताबों \n\n\n\nसे पढ़ते मिले विद्यार्थी, कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: राजकमल पब्लिक स्कूल में महंगी किताबों से पढ़ते मिले विद्यार्थी, कार्रवाई की तैयारी
विज्ञापन
राजकमल पब्लिक स्कूल में महंगी किताबो से पढ़ते कक्षा नौ के छात्र। स्रोत : प्रशासन
- फोटो : Self
विज्ञापन
एनसीईआरटी के स्थान पर महंगे प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने पर विवश करना राजकमल पब्लिक स्कूल प्रबंधन को महंगा पड़ने वाला है। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने इकबालपुर स्थित इस स्कूल का औचक निरीक्षक किया। जिसमें कक्षा नौ के छात्र-छात्राएं एनसीईआरटी के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ते हुए मिले।
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि स्कूल के प्रबंधक आरके सिंह से जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकें नहीं मिल रहीं हैं, इसलिए दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं, जबकि हकीकत में विक्रेताओं के पास एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
इस प्रकरण में स्कूल प्रबंधन तथा पुस्तक विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वह जबरन महंगी किताबें न खरीदें, कोई स्कूल मजबूर करता है तो वह उनसे संपर्क करें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि अभिवावकों पर महंगी किताबों, ड्रेस आदि का ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े, शासन ने इसके दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इनकी कीमत काफी कम है। जिससे अभिवावकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। बीते कुछ दिनों से कुछ स्कूलों की शिकायतें आ रहीं थीं कि वह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़वा रहे हैं। इनका सेट 4000 से 9000 में बेचा जा रहा है।
Trending Videos
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि स्कूल के प्रबंधक आरके सिंह से जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकें नहीं मिल रहीं हैं, इसलिए दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं, जबकि हकीकत में विक्रेताओं के पास एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस प्रकरण में स्कूल प्रबंधन तथा पुस्तक विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वह जबरन महंगी किताबें न खरीदें, कोई स्कूल मजबूर करता है तो वह उनसे संपर्क करें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि अभिवावकों पर महंगी किताबों, ड्रेस आदि का ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े, शासन ने इसके दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इनकी कीमत काफी कम है। जिससे अभिवावकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। बीते कुछ दिनों से कुछ स्कूलों की शिकायतें आ रहीं थीं कि वह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़वा रहे हैं। इनका सेट 4000 से 9000 में बेचा जा रहा है।