प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में दो हत्यारोपी दबोचे, दोनों को लगी गोली, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी कमल व गौरव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। दोनों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं। इनाम घोषित होने के बाद शुक्रवार को इनके किसी पुराने मामले में सरेंडर करने की चर्चा चल रही थी।
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प्रापर्टी डीलर वेदप्रकाश उर्फ सोनू की हत्या में शामिल दो अभियुक्तों को पुलिस ने 10 अप्रैल की दोपहर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रुद्र पाठक व वंश दीक्षित ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को पुलिस की गोली लगी। घायल होते ही पुलिस ने दोनों को दबोच लिया तथा जिला अस्पताल पहुंचाया।
मकान के विवाद में 6 अप्रैल की रात को वेदप्रकाश की हत्या कर दी गई थी। मृतक की बहन नीतू शर्मा ने दूसरे दिन दिल्ली वाला चौक के रहने वाले सगे भाई कमल व गौरव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में सामने आया कि इन दोनों के अलावा और भी लोग इस हत्या में शामिल हैं। वेदप्रकाश की मुखबिरी करने वाले मोहल्ले के ही शुभम को पुलिस 9 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि 10 अप्रैल को सूचना मिली थी कि इस हत्या में शामिल अन्य अभियुक्त अलीगढ़ से सासनी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा के निर्देश में दो टीमें तैनात की गईं। एक टीम सासनी-अलीगढ़ बॉर्डर तथा एक टीम शक्ति वन के सामने। शक्ति वन पर तैनात टीम को बाइक सवार दो युवक आते दिखायी दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी की। बचने के लिए बदमाशों ने पुलिस पर ही फायर झोंक दिए।
पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में दोनों युवकों के पैर में गोली लगी। इनके पास से दो तमंचा व कारतूस बरामद किए गए। सीओ ने बताया कि रुद्र पाठक रामलीला मैदान तथा वंश दीक्षित श्याम कुंज कॉलोनी का रहने वाला है। ये दोनों भी वेदप्रकाश के साथ हुई मारपीट में शामिल थे। इनसे पूछताछ के बाद और जानकारी मिलेगी। मुठभेड़ करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी सतेंद्र राघव व एसओजी प्रभारी धीरज गौतम रहे। सीओ ने बताया कि हत्या में शामिल अन्य अभियुक्त भी जल्द गिरफ्त में होंगे।
सरेंडर की आशंका पर तैनात रहा फोर्स
पुलिस ने आरोपी कमल व गौरव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। दोनों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं। इनाम घोषित होने के बाद शुक्रवार को इनके किसी पुराने मामले में सरेंडर करने की चर्चा चल रही थी। इस आशंका से शुक्रवार को सुबह से ही न्यायालय परिसर व बाहर फोर्स तैनात रहा।