UP: अरे! जिंदा हूं मैं... चिता जलने के बाद घर लौटा पति, औरैया में पुलिस और ग्रामीणों के उड़े होश!
Auraiya News: अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति को मृत मानकर पुलिस और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह डेढ़ साल बाद अचानक जिंदा घर लौट आया। इस घटना के बाद परिवार के साथ-साथ पुलिस भी हैरान है।
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औरैया जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में जिस व्यक्ति का शव समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह करीब डेढ़ वर्ष बाद अचानक जिंदा अपने घर लौट आया।
कमल सिंह नाम के इस व्यक्ति को अपने सामने जिंदा खड़ा देखकर परिजनों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और हर कोई यह जानकर हैरान है कि आखिर जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह कौन था।
डेढ़ साल पहले पारिवारिक विवाद में घर छोड़कर गया था कमल
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शनिवार को अजीतमल पुलिस कमल सिंह की पत्नी सुनीता को पूछताछ के लिए कोतवाली लेकर आई। कड़ाई से की गई पूछताछ में सुनीता ने बताया कि करीब 01.5 वर्ष पहले उसके पति ने अपने भतीजे को पैसे लेकर खेत दे दिया था। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ था और गुस्से में उसने पति से कह दिया था कि जब तक 02 लाख रुपये का इंतजाम न हो जाए, तब तक घर वापस न आए।
इसके बाद कमल सिंह बिना बताए घर छोड़कर चला गया। पत्नी खुद मजदूरी कर अपने 03 बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। बीते 27 जून को जब वह नोएडा में थी, तब उसे पति की मौत की खबर मिली। हालांकि अंतिम संस्कार के दौरान गांव के लोगों ने उसे शव के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए थे।
पत्नी के एक फोन कॉल से खुला राज, इटावा से मिली लोकेशन
कोतवाली में पूछताछ के दौरान सुनीता ने अपने मोबाइल पर पहले आए कुछ अज्ञात नंबरों पर दोबारा कॉल मिलाई। एक नंबर पर बात करने पर इटावा का एक युवक मिला। जब सुनीता ने फोन पर बात कराने की जिद की तो दूसरी तरफ उसका पति कमल सिंह निकला।
कमल ने अपनी पत्नी को फोन पर देखते ही घर लौटने की बात कही और बताया कि वह जीवित है। पति का संदेश मिलते ही और पुलिस की जांच की जानकारी होते ही कमल सिंह शनिवार देर शाम सीधे अपने पैतृक गांव पहुंच गया। उसे सही-सलामत देखकर परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
पानीपत से ग्वालियर तक मजदूरी, पैर टूटने के बाद कटा था संपर्क
कमल सिंह ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह पहले पानीपत गया, जहां उसने मुर्गी फार्म में काम किया। इसके बाद वह ट्रक पर हेल्परी करने लगा। 25 जून को भीखेपुर उतरने के बाद वह ससुराल गया और वहां से ग्वालियर चला गया, जहां प्लंबिंग का काम शुरू कर दिया।
काम के दौरान सीढ़ी से गिरने के कारण उसका पैर टूट गया था। इलाज के दौरान उसने पत्नी को फोन करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर ब्लॉक होने के कारण संपर्क नहीं हो सका। शनिवार को जैसे ही सच्चाई का पता चला, वह बिना देरी किए गांव लौट आया।
पुलिस के सामने यक्ष प्रश्न, आखिर किसका था वह अज्ञात शव
कमल सिंह के जीवित वापस लौटने के बाद पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हाईवे किनारे मिले जिस अज्ञात शव की पहचान कमल के रूप में करके अंतिम संस्कार किया गया, वह असल में किसका शव था।
शिनाख्त में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, पुलिस अब इसकी नए सिरे से गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमल सिंह से पूछताछ की जा रही है और मृत मिले व्यक्ति की वास्तविक पहचान स्थापित करने के लिए विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।