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गंगा की दुश्मन काली नदी को परखने आएगी केंद्रीय टीम 

Tue, 12 Jun 2018 04:21 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 12 Jun 2018 04:21 PM IST
सार

- कन्नौज से फर्रुखाबाद के बीच इकट्ठा किए जाएंगे नमूने
- 18 से पहले पहुंचेगी बोर्ड अधिकारियों की टीम

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Central team will come to testing Ganga enemy Kali river
डेमाे पिक
गंगा नदी में प्रदूषण बढ़ने की एक वजह काली नदी भी है। पिछले काफी समय से इस नदी के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश चीनी मिलों, शराब बनाने वाली फैक्ट्रियों और दूसरी औद्योगिक इकाइयों का कचरा गंगा में समा रहा है।

 
Central team will come to testing Ganga enemy Kali river
डेमाे पिक
काली नदी फर्रुखाबाद और कन्नौज के पास गंगा में मिलती है। काली में प्रदूषण की स्थिति जांचने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम सप्ताह के आखिरी दिनों में कन्नौज और फर्रुखाबाद आएगी।

 
Central team will come to testing Ganga enemy Kali river
डेमाे पिक
कुछ महीने पहले काली नदी में इतनी अधिक मात्रा में प्रदूषित पानी आ गया था कि उसकी वजह से गंगा का पानी भी काला पड़ गया था। पहले बिठूर उसके बाद गंगा बैराज होते हुए काली नदी का काला पानी पूरी गंगा में फैल गया। उस समय गंगा के पानी में आक्सीजन की भारी कमी भी हो गई थी। तब से लेकर काली नदी में प्रदूषण की स्थिति बढ़ती ही गई है। पहली बार बोर्ड ने इस नदी की जांच करने की योजना बनाई है।

 
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Central team will come to testing Ganga enemy Kali river
डेमाे पिक
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया सीपीसीबी की तरफ से एक पत्र काली नदी की जांच के लिए सोमवार की शाम आया। जिसमें काली नदी की वजह से गंगा में फैल रहे प्रदूषण का जिक्र किया गया है। उन्होेंने बताया कि टीम कन्नौज और फर्रुखाबाद के आसपास ही नदी की जांच करेगी।
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