Kanpur: सुपर स्पेशलिटी में जूनियर डॉक्टरों को सिखाई गई न्यूरोसर्जरी, सिमुलेटर से जाना ब्रेन स्ट्रोक का इलाज
Kanpur News: मल्टी सुपर स्पेशलिटी एंड पीजीआई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की न्यूरो सर्जरी कार्यशाला के दूसरे दिन रविवार को जूनियर डॉक्टरों को ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन ट्यूमर के आधुनिक उपचार की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने ऑपरेशन की बारीकियों से अवगत कराया।
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कानपुर स्थित मल्टी सुपर स्पेशलिटी एंड पीजीआई में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला के दूसरे दिन रविवार को न्यूरो सर्जरी की पढ़ाई कर रहे जूनियर डॉक्टरों को उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने युवा डॉक्टरों को आधुनिक सिमुलेटर तकनीक के माध्यम से ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन ट्यूमर जैसे जटिल ऑपरेशनों को करने की बारीकियां सिखाईं। इस दौरान बेंगलुरु से आए प्रसिद्ध न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. तेजस राव ने लाइव सिमुलेशन के जरिए मस्तिष्क की नसों में थक्का जमने और नस फटने जैसी स्थिति से निपटने के गुर सिखाए।
जांघ की नस से दिमाग तक पहुंचेगा स्टेंट, ब्लीडिंग का खतरा होगा कम
डॉ. तेजस राव ने कार्यशाला में बताया कि यदि किसी मरीज को अचानक ब्रेन स्ट्रोक आ जाए या दिमाग की नस में खून का थक्का जम जाए, तो पारंपरिक ओपन सर्जरी के बजाय जांघ के पास की नस के जरिए स्टेंट डाला जा सकता है। इस आधुनिक विधा से सीधे दिमाग तक पहुंचकर जमा हुआ थक्का आसानी से हटाया जा सकता है। उन्होंने यह भी समझाया कि यदि दिमाग की कोई नस फट गई हो तो उसे कैसे सुरक्षित तरीके से जोड़ा जाता है।
ट्यूमर के दौरान स्टंटिंग तकनीक से मरीज को मिलेगी जल्द राहत
कार्यशाला में ब्रेन ट्यूमर के सफल और सुरक्षित ऑपरेशन की तकनीक पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्टंटिंग तकनीक के जरिए ट्यूमर को रक्त सप्लाई करने वाली नस को पहले ही ब्लॉक कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया से ऑपरेशन के दौरान मरीज का खून बहुत कम बहता है, जिससे सर्जरी का जोखिम काफी घट जाता है और मरीज रिकवरी के बाद तेजी से स्वस्थ होकर घर लौट सकता है।