Kanpur: ट्रक पर 4.47 लाख के चालान, फिर भी जारी कर दी एनओसी, एआरटीओ ने पकड़ा फर्जीवाड़ा, पत्र जारी
Kanpur News: उन्नाव आरटीओ कार्यालय ने नियमों को ताक पर रखकर 4.76 लाख रुपये के 12 पेंडिंग चालान वाले एक ट्रक को एनओसी जारी कर दिया। जब नया खरीदार इस एनओसी को लेकर कानपुर आरटीओ कार्यालय पहुंचा, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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कानपुर आरटीओ विभाग में नियमों को ताक पर रखकर किस तरह फाइलों को क्लीन चिट दी जाती है इसकी बानगी उन्नाव आरटीओ कार्यालय में सामने आई है। ट्रक (यूपी35एटी1659) पर ओवरलोडिंग समेत कुल 12 चालानों में 4.76 लाख से अधिक की देनदारी होने के बावजूद उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया गया। ट्रक का नया मालिक एनओसी लेकर कानपुर आरटीओ कार्यालय में वाहन का पंजीकरण कराने पहुंचा, तो हकीकत सामने आ गई।
कानपुर आरटीओ कार्यालय के अफसरों ने वाहन का रजिस्ट्रेशन करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद ट्रक को ब्लैकलिस्टेड कर एनओसी निरस्त करने के लिए उन्नाव आरटीओ को पत्र लिखा है। औरास के चमरौधा द्वितीय निवासी मनोज कुमार ने वर्ष 2018 में ट्रक खरीदा था। इसे उन्नाव आरटीओ कार्यालय में रजिस्टर्ड कराया गया। करीब आठ साल तक ट्रक के संचालन के दौरान ओवरलोडिंग समेत अन्य के करीब 17 चालान अलग-अलग हाईवे पर हुए।
12 चालान 4.76 लाख रुपये के शेष रहे
उन्हें जमा नहीं किया गया। वर्ष 2025 दिसंबर में मनोज ने ट्रक को बिधनू के जामू निवासी संजू को बेच दिया। इससे पहले ट्रक पर हुए छोटे पांच चालान कैश देकर निरस्त करा दिए फिर भी 12 चालान 4.76 लाख रुपये के शेष रहे। उन्नाव आरटीओ कार्यालय ने ट्रक की एनओसी जारी कर दी, जबकि नियमानुसार चालानों का निस्तारण होने के बाद ही एनओसी जारी होती है।
एनओसी को निरस्त करने की संस्तुति की
एनओसी लेकर नया खरीदार कार्यालय पहुंचकर वाहन पंजीकरण की मांग करने लगा। जब पोर्टल पर ट्रक की जानकारी चेक कराई गई तो हकीकत सामने आई। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने वाहन का पंजीकरण चालान की रकम जमा कराने के बाद ही होने की बात कहकर लौटा दिया। एआरटीओ ने वाहन को तुरंत ब्लैकलिस्टेड कराया। साथ ही उन्नाव आरटीओ कार्यालय को पत्र भेजकर नियमों के विपरीत जारी की गई एनओसी को निरस्त करने की संस्तुति की है।
अगर किसी वाहन पर एक भी चालान बाकी होता है तो वह गाड़ी किसी अन्य के नाम ट्रांसफर नहीं हो सकती। गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए वाहन स्वामी आया था। चालान बकाया होने के कारण उसे वापस किया गया था। अब गाड़ी को ब्लैकलिस्ट कर जारी गलत एनओसी को निरस्त करने के लिए उन्नाव एआरटीओ को पत्र लिखा गया है। -आलोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन