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हाथरस हादसा: ...तो इसलिए अपने पैतृक आश्रम पहुंचे साकार हरि उर्फ भोले बाबा, सामने आई ये बड़ी वजह

संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 18 Jul 2024 07:55 AM IST
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सार

हाथरस हादसे के बाद भोले बाबा अपने पैतृक आश्रम कासगंज के बहादुरनगर पहुंचे हैं। उनके वकील ने बाबा के यहां पहुंचने के पीछे एक खास वजह बताई है। आगे पढ़ें और जानें पूरी बात विस्तार से...

Bhole Baba alias Sakar Hari reached his birthplace ashram in Bahadurnagar Kasganj after consulting doctor
साकार हरि बाबा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हाथरस के सिकंदराराऊ में हादसे के बाद भोले बाबा अपने अधिवक्ता एपी सिंह के साथ बुधवार की दोपहर में करीब एक बजे कासगंज के पटियाली स्थित अपने पैतृक गांव बहादुर नगर स्थित आश्रम पर पहुंचे। यहां उन्होंने किसी से बात नहीं की और न ही मुलाकात की। इसके बाद उनके अधिवक्ता एपी सिंह ने मीडिया से बातचीत कर भोले बाबा का पक्ष रखा।

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अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा कि बुधवार को साकार विश्व हरि अपनी जन्मभूमि अपने गांव बहादुर नगर पहुंचे हैं। वह डॉक्टर के परामर्श के अनुसार पूर्ण रूप से स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए यहां पहुंचे हैं। इससे पूर्व वह 12 वर्ष पूर्व यहां आए थे और 2023 में भी आए थे। हम लोगों ने उनसे प्रार्थना की थी कि अनुयायियों की मांग है कि वह आश्रम पर पहुंचें। अत: बाबा इच्छा पूरी करने के लिए यहां आए हैं। बाबा ने एसआईटी की जांच पर पूरा भरोसा जताया है। 

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साथ ही अपनी जिलास्तरीय कमेटियों से भी आग्रह किया है कि वह अपनी सामर्थ के अनुसार तन, मन एवं धन से पूरी तरह हादसे में मृतक एवं घायलों के परिजनों की मदद करें। उन्हें कोई दिक्कत न हो। उन्हें आर्थिक संकट उत्पन्न न हो। साकार हरि ने सरकार द्वारा मृतकों व घायलों को दी जाने वाली सहायता राशि पर धन्यवाद दिया है। अधिवक्ता ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि बाबा कहीं भागे नहीं हैं। मातृभूमि व जन्मभूमि को नहीं भूलना चाहिए। अत: वह भी अपनी जन्मस्थली पर आए हैं।
 

भक्तों से की आश्रम पर न आने की अपील

अधिवक्ता एपी सिंह ने बाबा के अनुयायियों से अनुरोध किया कि भक्त यहां आश्रम पर न आएं। वरन वह जहां भी हैं, जैसे घर, दुकान, प्रतिष्ठान, फैक्टरी, स्कूल आदि पर ही साकार विश्व हरि का ध्यान करें। तो नारायन साकार हरि उन्हें उनके स्थान पर ही मिलेंगे।
 

सोशल मीडिया से दूर रहते हैं भोले बाबा

अधिवक्ता ने कहा कि साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा वर्षों से सोशल मीडिया से दूर हैं। उन्होंने कभी भी फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, लिंक्डइन आदि का प्रयोग नहीं किया। मीडिया को उन्होंने पहले कभी इंटरव्यू नहीं दिया। जब भी उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त कीं तो उन्होंने न्यूज एजेंसी के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। आगे भी वह न्यूज एजेंसी के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करेंगे।
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