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Kasganj News: नरौरा बैराज से पांच हजार क्यूसेक पानी हुआ कम, आज और घटेगा प्रवाह
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फोटो 32 - कछला गंगाघाट पर उफनती गंगा का दृश्य। स्रोत संवाद
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कासगंज। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश थमने के बाद गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया है। नरौरा बैराज के प्रवाह में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब पांच हजार क्यूसेक पानी की कमी दर्ज की गई है। इससे जिले में गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट आई है। हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को अभी कोई राहत नहीं मिली है और उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
पहाड़ों पर लगातार बारिश और पशुलोक बैराज की सफाई के लिए पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिसके कारण विभिन्न बैराजों के गेट खोलने पड़े थे। अब हरिद्वार बैराज से 48 हजार क्यूसेक, बिजनौर बैराज से लगभग 62 हजार क्यूसेक और नरौरा बैराज से 5 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह कम हुआ है। बैराजों पर दबाव घटने से पानी का डिस्चार्ज भी कम हो गया है।
प्रशासन और सिंचाई विभाग के लिए जलस्तर का यह उतार-चढ़ाव नई चिंता लेकर आया है। उतरती हुई गंगा के तेज बहाव से कटान का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, वर्तमान में सभी कटानरोधी कार्य सुरक्षित हैं, लेकिन सिंचाई विभाग किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
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संवेदनशील गांवों में सीसीटीवी कैमरे से रखी जा रही नजर
जिले के दतलाना, उढ़ेर, मुजफ्फरनगर, शहवाजपुर और कादरगंज समेत अन्य कच्चे और मनरेगा बांधों तक पानी की दस्तक बनी हुई है, जिससे इन बांधों के कटने का अंदेशा है। इस खतरे से निपटने के लिए संवेदनशील गांवों जैसे बरौना, मुजफ्फरनगर और किसौल के कटानरोधी कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो सीधे बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जुड़े हैं। अधिकारी हर गतिविधि पर बारीक नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 87481 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 117686 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 167688 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.31 मीटर के निशान पर
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वर्जन-
गंगा के जलस्तर में कमी आई है। हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से पानी का दबाव कम हुआ है। आगे भी जलस्तर में कमी आने की संभावना है।- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।
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पहाड़ों पर लगातार बारिश और पशुलोक बैराज की सफाई के लिए पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिसके कारण विभिन्न बैराजों के गेट खोलने पड़े थे। अब हरिद्वार बैराज से 48 हजार क्यूसेक, बिजनौर बैराज से लगभग 62 हजार क्यूसेक और नरौरा बैराज से 5 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह कम हुआ है। बैराजों पर दबाव घटने से पानी का डिस्चार्ज भी कम हो गया है।
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प्रशासन और सिंचाई विभाग के लिए जलस्तर का यह उतार-चढ़ाव नई चिंता लेकर आया है। उतरती हुई गंगा के तेज बहाव से कटान का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, वर्तमान में सभी कटानरोधी कार्य सुरक्षित हैं, लेकिन सिंचाई विभाग किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
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संवेदनशील गांवों में सीसीटीवी कैमरे से रखी जा रही नजर
जिले के दतलाना, उढ़ेर, मुजफ्फरनगर, शहवाजपुर और कादरगंज समेत अन्य कच्चे और मनरेगा बांधों तक पानी की दस्तक बनी हुई है, जिससे इन बांधों के कटने का अंदेशा है। इस खतरे से निपटने के लिए संवेदनशील गांवों जैसे बरौना, मुजफ्फरनगर और किसौल के कटानरोधी कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो सीधे बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जुड़े हैं। अधिकारी हर गतिविधि पर बारीक नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 87481 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 117686 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 167688 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.31 मीटर के निशान पर
वर्जन-
गंगा के जलस्तर में कमी आई है। हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से पानी का दबाव कम हुआ है। आगे भी जलस्तर में कमी आने की संभावना है।- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई।

फोटो 32 - कछला गंगाघाट पर उफनती गंगा का दृश्य। स्रोत संवाद