{"_id":"6a2294c5ae026e0130079f1c","slug":"kaushambi-news-bail-granted-a-month-ago-ashwani-s-release-stalled-due-to-lack-of-surety-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: एक महीने पहले जमानत मंजूर, जमानतदार न मिलने से अटकी अश्वनी की रिहाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: एक महीने पहले जमानत मंजूर, जमानतदार न मिलने से अटकी अश्वनी की रिहाई
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:50 PM IST
विज्ञापन
सार
कौशाम्बी जेल में बंद अश्वनी की जमानत एक महीने पहले मंजूर हो जाने के बावजूद उसकी रिहाई नहीं हो पा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार न मिल पाने के कारण वह पिछले एक माह से जेल में ही बंद है।
प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, शवों को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
कौशाम्बी जेल में बंद अश्वनी की जमानत एक महीने पहले मंजूर हो जाने के बावजूद उसकी रिहाई नहीं हो पा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार न मिल पाने के कारण वह पिछले एक माह से जेल में ही बंद है।
जुर्माने और जमानत की शर्तों के चलते अब तक कोई भी परिजन या परिचित आगे नहीं आ सका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अश्वनी को एक मामले में 50 हजार रुपये और दूसरे मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी आधार पर कुल डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार प्रस्तुत किए जाने पर ही उसकी रिहाई संभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अश्वनी 20 मार्च 2024 से कौशाम्बी जेल में बंद है। वह फर्जी मैट्रिमोनियल आईडी बनाकर ठगी करने के आरोप में अपनी पत्नी ऋतु वैश्य उर्फ ऋतु यादव सहित कुल चार लोगों के साथ जेल भेजा गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन अश्वनी की रिहाई अभी तक लंबित है।
Trending Videos
इस बीच प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका बाजार स्थित अश्वनी के घर में एक दर्दनाक घटना घट गई, जिसमें कारोबारी पिता वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), मां अनीता (65), बहन मीनाक्षी (40) और भाई अभिषेक (40) के शव अलग-अलग कमरों में खून से लथपथ मिले। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही जेल में बंद अश्वनी मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया है। पुलिस सूत्रों अनुसार, अश्वनी को सामान्य बैरक में रखा गया है और उसके खान-पान सहित सभी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिजनों की मौत के बाद से वह अधिकतर समय चुपचाप और गुमसुम रहता है और बेहद कम बातचीत करता है।