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Maharajganj News: गोबर गैस प्लांट का मरम्मत नहीं होने पर नाराज हुए डीएम
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पिछले निरीक्षण में ही ठीक कराने के दिए थे निर्देश, जिम्मेदारों ने निर्देश को नहीं लिया गंभीरता से
जिलाधिकारी ने एसपी व सीडीओ के साथ गोसदन मधवलिया का किया निरीक्षण
महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को एसपी शक्ति मोहन अवस्थी व सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह के साथ गोसदन मधवलिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोसदन में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट खाद, गोबर गैस प्लांट और हरे चारे सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा। जिलाधिकारी ने गोबर गैस प्लांट की मरम्मत अभी तक नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की और एई जल निगम को तत्काल मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया। पिछले निरीक्षण में भी जिलाधिकारी इसे ठीक कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अफसरों ने निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने परिसर में मौजूद जर्जर भवन को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अप्रयुक्त शेड की मरम्मत कराकर उनमें गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गोसदन में पशुओं के संख्या की जानकारी ली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोसदन में कुल 739 गोवंश हैं, इनमें 559 नंदी और 180 गाय हैं। उन्होंने बताया कि गोसदन में 236.08 क्विंटल भूसा, 44.28 क्विंटल चोकर, 70.15 क्विंटल पशु आहार, 249.90 क्विंटल साइलेज उपलब्ध है। उन्होंने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गोसदन की भूमि पर 242 एकड़ में बाजरा, दो एकड़ में नेपियर और 0.5 एकड़ में जई का उत्पादन हरा चारा के लिए किया जा रहा है। ताकि पशुओं को गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान एक बीमार गोवंश के चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और निर्देशित किया कि गोवंश के उचित देखभाल और उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने गोसदन में फलदार वृक्षों का रोपण करने के निर्देश दिए ताकि गोसदन को अतरिक्त आय प्राप्त हो सके। उन्होंने वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के विषय में बीडीओ निचलौल से जानकारी ली। बीडीओ निचलौल ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है और उनके माध्यम से ही उत्पादित खाद की बिक्री भी की जा रही है। साथ ही गोबर से गोकाष्ठ का उत्पादन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री हेतु मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने और इसके लिए उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों को भी समूह की ओर से उत्पादित गोकाष्ठ की बिक्री किए जाने हेतु कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि गोसदन में आत्मनिर्भर और एक मॉडल गोसदन बनने की पूरी संभावना है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को इस संदर्भ में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंशों को गुड़, केला और चना भी खिलाया। इस अवसर पर डीडीओ बीएन कन्नौजिया, परियोजना निदेशक आरडी चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद, बीडीओ निचलौल शमा सिंह मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने एसपी व सीडीओ के साथ गोसदन मधवलिया का किया निरीक्षण
महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को एसपी शक्ति मोहन अवस्थी व सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह के साथ गोसदन मधवलिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोसदन में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट खाद, गोबर गैस प्लांट और हरे चारे सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा। जिलाधिकारी ने गोबर गैस प्लांट की मरम्मत अभी तक नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की और एई जल निगम को तत्काल मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया। पिछले निरीक्षण में भी जिलाधिकारी इसे ठीक कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अफसरों ने निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने परिसर में मौजूद जर्जर भवन को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अप्रयुक्त शेड की मरम्मत कराकर उनमें गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने गोसदन में पशुओं के संख्या की जानकारी ली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोसदन में कुल 739 गोवंश हैं, इनमें 559 नंदी और 180 गाय हैं। उन्होंने बताया कि गोसदन में 236.08 क्विंटल भूसा, 44.28 क्विंटल चोकर, 70.15 क्विंटल पशु आहार, 249.90 क्विंटल साइलेज उपलब्ध है। उन्होंने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गोसदन की भूमि पर 242 एकड़ में बाजरा, दो एकड़ में नेपियर और 0.5 एकड़ में जई का उत्पादन हरा चारा के लिए किया जा रहा है। ताकि पशुओं को गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान एक बीमार गोवंश के चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और निर्देशित किया कि गोवंश के उचित देखभाल और उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने गोसदन में फलदार वृक्षों का रोपण करने के निर्देश दिए ताकि गोसदन को अतरिक्त आय प्राप्त हो सके। उन्होंने वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के विषय में बीडीओ निचलौल से जानकारी ली। बीडीओ निचलौल ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है और उनके माध्यम से ही उत्पादित खाद की बिक्री भी की जा रही है। साथ ही गोबर से गोकाष्ठ का उत्पादन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री हेतु मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने और इसके लिए उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों को भी समूह की ओर से उत्पादित गोकाष्ठ की बिक्री किए जाने हेतु कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि गोसदन में आत्मनिर्भर और एक मॉडल गोसदन बनने की पूरी संभावना है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को इस संदर्भ में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंशों को गुड़, केला और चना भी खिलाया। इस अवसर पर डीडीओ बीएन कन्नौजिया, परियोजना निदेशक आरडी चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद, बीडीओ निचलौल शमा सिंह मौजूद रहे।