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Maharajganj News: ब्याज, डिविडेंड या दूसरी आय पर टीडीएस कटौती नहीं चाहते तो भरें फार्म 121
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वित्तीय सत्र से बैंकिंग सेक्टर में नए प्रावधान
इनकम टैक्स में 15जी व एच की जगह फार्म 121
महराजगंज। नए वित्तीय सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है। वर्तमान सत्र से बैंकिंग सेक्टर में नए प्रावधान प्रभावी किए गए हैं। इनकम टैक्स स्लैब में अब फार्म 15 जी और एच की जगह लेगा फार्म 121 ने लिया है। ब्याज, डिविडेंड या दूसरी आय पर टीडीएस कटौती नहीं चाहते हैं तो अब सिर्फ इसी फार्म का उपयोग करना होगा।
कोषाधिकारी राजकुमार गुप्ता ने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट-2025 के तहत अब अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग फार्म की जरूरत नहीं रह गई है। यह अकेला फार्म सहज व डिजिटल घोषणा पत्र के रूप में काम करेगा। पहले फार्म जी 60 वर्ष से कम आयु वालों को और 15 एच वरिष्ठ नागरिक इस्तेमाल करते थे। अब इसकी जगह सिर्फ फार्म 121 देकर टीडीएस कटौती से बचा जा सकता है। इसके अलावा नए प्रावधान के तहत एक वैध पैन कार्ड अनिवार्य होगा। डिजिटल माध्यम को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव किया गया है।
इसके अलावा यह डिजिटल एकीकरण का मार्ग भी प्रशस्त करेगा क्योंकि डाटा आधारित चीजों को आसानी से इनकम टैक्स विभाग ट्रैक कर सकेगा। पुरानी व्यवस्था के अनुरूप ही फार्म 121 को साल में एक बार प्रत्येक आयकर दाता को देना होगा।
झंझट नहीं बढ़ाया जिम्मेदारी का भाव
चार्टेड अकाउंटेंट केएम पटेल ने बताया कि नए वित्तीय सत्र से आयकर अधिनियम 2025 प्रभावी हो गया है। यह आसान व सरल भाषा में है। हर कोई इसे आसानी से समझ सकता है। फाइनेंशियल ईयर व एसेसमेंट ईयर की जगह टैक्स ईयर शब्द का उपयोग किया गया है। नौकरी पेशा के लिए 31 जुलाई ही टैक्स की तिथि रहेगी लेकिन अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त निर्धारित हुई है। जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्तूबर कर दी गई है। गिफ्ट और बाउचर पर टैक्स छूट सीमा बढ़ाकर 15 हजार हो गई है यह अब तक 5 हजार थी।
वर्जन
आयकर अधिनियम 2025 के प्रभावी होने के बाद डिजिटल लेन-देन व डिजिटल फार्मेट के प्रपत्रों का महत्व बढ़ा है। डिजिटल एकीकरण एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) के बढ़ते दौर में आवश्यक महसूस की जा रही थी। इस अधिनियम से डिजिटल फर्स्ट को बढ़ावा मिलेगा व बैंकिंग सेक्टर का दबाव कम होगा।
-भूपेंद्र मिश्रा, लीड बैंक मैनेजर, महराजगंज
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इनकम टैक्स में 15जी व एच की जगह फार्म 121
महराजगंज। नए वित्तीय सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है। वर्तमान सत्र से बैंकिंग सेक्टर में नए प्रावधान प्रभावी किए गए हैं। इनकम टैक्स स्लैब में अब फार्म 15 जी और एच की जगह लेगा फार्म 121 ने लिया है। ब्याज, डिविडेंड या दूसरी आय पर टीडीएस कटौती नहीं चाहते हैं तो अब सिर्फ इसी फार्म का उपयोग करना होगा।
कोषाधिकारी राजकुमार गुप्ता ने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट-2025 के तहत अब अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग फार्म की जरूरत नहीं रह गई है। यह अकेला फार्म सहज व डिजिटल घोषणा पत्र के रूप में काम करेगा। पहले फार्म जी 60 वर्ष से कम आयु वालों को और 15 एच वरिष्ठ नागरिक इस्तेमाल करते थे। अब इसकी जगह सिर्फ फार्म 121 देकर टीडीएस कटौती से बचा जा सकता है। इसके अलावा नए प्रावधान के तहत एक वैध पैन कार्ड अनिवार्य होगा। डिजिटल माध्यम को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव किया गया है।
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इसके अलावा यह डिजिटल एकीकरण का मार्ग भी प्रशस्त करेगा क्योंकि डाटा आधारित चीजों को आसानी से इनकम टैक्स विभाग ट्रैक कर सकेगा। पुरानी व्यवस्था के अनुरूप ही फार्म 121 को साल में एक बार प्रत्येक आयकर दाता को देना होगा।
झंझट नहीं बढ़ाया जिम्मेदारी का भाव
चार्टेड अकाउंटेंट केएम पटेल ने बताया कि नए वित्तीय सत्र से आयकर अधिनियम 2025 प्रभावी हो गया है। यह आसान व सरल भाषा में है। हर कोई इसे आसानी से समझ सकता है। फाइनेंशियल ईयर व एसेसमेंट ईयर की जगह टैक्स ईयर शब्द का उपयोग किया गया है। नौकरी पेशा के लिए 31 जुलाई ही टैक्स की तिथि रहेगी लेकिन अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त निर्धारित हुई है। जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्तूबर कर दी गई है। गिफ्ट और बाउचर पर टैक्स छूट सीमा बढ़ाकर 15 हजार हो गई है यह अब तक 5 हजार थी।
वर्जन
आयकर अधिनियम 2025 के प्रभावी होने के बाद डिजिटल लेन-देन व डिजिटल फार्मेट के प्रपत्रों का महत्व बढ़ा है। डिजिटल एकीकरण एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) के बढ़ते दौर में आवश्यक महसूस की जा रही थी। इस अधिनियम से डिजिटल फर्स्ट को बढ़ावा मिलेगा व बैंकिंग सेक्टर का दबाव कम होगा।
-भूपेंद्र मिश्रा, लीड बैंक मैनेजर, महराजगंज