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सेंट्रल मार्केट विवाद: आज उम्मीदों पर चल सकता है बुलडोजर, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई संभव, 90 दुकानों पर संकट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 10 Mar 2026 10:57 AM IST
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सार

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण पर आज ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद ने भारी पुलिस बल और मशीनरी की मांग की है।

Bulldozer Likely in Central Market Today, Demolition Action Possible
सेंट्रल मार्केट में सामान हटाते व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में लंबे समय से लटकी ध्वस्तीकरण की तलवार अब गिरने वाली है। अभी दो दिन पहले ही वास्तुविद नियोजक पत्र के जरिए नई शमन नीति से व्यापारियों में राहत की उम्मीद जगी थी कि आवास एवं विकास परिषद ने मंगलवार के ध्वस्तीकरण के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी पूरी कर ली है। 

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सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद परिषद के अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की है। वहीं ध्वस्तीकरण का ठेका लेने वाली लखनऊ की द रिलायबल एजेंसीज को विशेष मशीनरी के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि न फोर्स मांगी गई है और न ही कोई पत्र मिला है।

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दरअसल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने के मामले में 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। आदेश का पालन न होने पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई जिस पर कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया। 

पिछले साल छह अक्तूबर की सुनवाई के बाद 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए कि 6 सप्ताह के भीतर अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसी दबाव के चलते आवास विकास ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में परिषद के 45 अधिकारियों और 21 व्यापारियों के खिलाफ थाना नौचंदी में एफआईआर भी दर्ज है।

सियासत और अनिश्चितता में फंसा बाजार
मेरठ सेंट्रल मार्केट का माहौल इस वक्त बेहद तनावपूर्ण है। व्यापारी पिछले कई दिनों से अरोड़ा गारमेंट्स के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। तीन दिन पहले ही ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने अधिकारियों और व्यापारियों के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की थी जिसमें व्यापारियों को खुद ही अनाधिकृत निर्माण हटाने का सुझाव दिया गया था।

वहीं शनिवार को सपा विधायक अतुल प्रधान ने धरने में पहुंचकर भाजपा सरकार पर हमला बोला था। रविवार को जब वास्तुविद नियोजक की ओर से 80 दुकानदारों को शमन के आवेदन का आदेश मिला तो व्यापारियों ने राहत महसूस करते हुए होली खेली थी लेकिन अभी गुलाल का रंग छूटा भी नहीं था कि सोमवार को आए ध्वस्तीकरण के नोटिस ने उन खुशियों को मायूसी में बदल दिया है। 

निर्माण जद में पहले चरण में 31 पर कार्रवाई
आवास विकास के रिकॉर्ड के अनुसार कुल 1468 निर्माण ऐसे हैं जो मूल रूप से आवासीय मानचित्र पर स्वीकृत थे लेकिन वहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें तन गई हैं। कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने की मियाद खत्म हो रही है जिसके चलते अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने त्वरित कार्रवाई का खाका खींचा है। उन्होंने लखनऊ की कंपनी को दो हैमर हिल्टी युक्त जेसीबी और दो पोर्कलेन मशीनें लाने को कहा गया है। पहले चरण में उन 31 संपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा जो नियमों का उल्लंघन कर खड़ी हैं।

दुकानें बंद
कार्रवाई के डर से व्यापारियों ने बाजार में 100 से अधिक दुकानों को आनन-फानन में दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां लगाकर बंद कर दिया है। व्यापारियों में भारी बेचैनी है क्योंकि अगले सप्ताह ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और परिषद उससे पहले क्लीन चिट के लिए मौके पर ध्वस्तीकरण की पुख्ता रिपोर्ट तैयार करना चाहता है।

90 दुकानों पर संकट, 1000 लोगों का छिन जाएगा रोजगार
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के भूखंड संख्या 661/6 के ध्वस्तीकरण के बाद अब प्रशासन का शिकंजा और कस गया है। इलाके के 31 भूखंडों में बनी 90 दुकानों पर मंगलवार को बुलडोजर चलेगा। इस कार्रवाई की सुगबुगाहट ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है क्योंकि इस कार्रवाई से करीब 800 से 1000 लोगों का रोजगार सीधे तौर पर छिन जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले साल 25 और 26 अक्तूबर को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में 22 दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई थी। मुश्किलों से जूझते हुए उन दुकानदारों ने अभी अपनी गाड़ी पटरी पर लौटानी शुरू ही की थी कि अब 90 और दुकानों को मंगलवार को ध्वस्त करने की तैयारी है। इन दुकानदारों को आवास एवं विकास परिषद दुकानें खाली करने के लिए अंतिम नोटिस भेज चुका है। व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ राहत की उम्मीद जगाई गई और दूसरी तरफ ध्वस्तीकरण की तैयारी कर ली गई।

व्यापारी नेता सतीश गर्ग ने बताया कि वास्तुविद नियोजक की ओर से नई शमन नीति के तहत पत्र मिल चुके हैं। व्यापारियों ने तो इस उम्मीद में होली भी मनाई और सरकार का आभार भी जताया था। ऐसे में अब अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई समझ से परे है। जितेंद्र अग्रवाल अट्टू ने दो टूक कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

देर रात तक चली बैठक, टकराव के आसार
ध्वस्तीकरण की खबरों के बीच व्यापारियों ने देर रात तक गुप्त बैठक कर अपनी रणनीति तैयार की है। प्रशासन की सख्ती और व्यापारियों के गुस्से को देखते हुए मंगलवार को मौके पर भारी टकराव की स्थिति पैदा होने की प्रबल आशंका है। व्यापारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी दुकानों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।  

 नाम      संपत्ति संख्या
 अनिल कुमार यादव     7/2 
 नारायण दास    10/2 
 जितेंद्र अग्रवाल अट्टू     11/2 
 गोपी चंद                 12/2 
 रीटा रानी उर्फ रीता सोबती     502/3 
 एचएल वर्मा                 501/3 
 सुरेश कुमार                 500/3 
 निधि शर्मा                 499/3 
 राजेंद्र प्रसाद                 498/3 
 हरीश खुराना, अनिल खुराना     492/3 
 व पवन खुराना
 सुरेश चंद गुप्ता                 489/3 
 मिथलेश भारद्वाज     490/3 
 किरन शर्मा                 654/3 
 लोकेश अग्रवाल     655/6 
 अरुणा अग्रवाल     657/6 
 रामजी लाल नारंग     658/6 
 सतीश वीरमानी     659/6 
 गुलशन ग्रोवर                 660/6 
 अनुराग सोलंकी     663/6 
 संध्या गर्ग                 664/6 
 मंगत राय                 665/6 
 हरीश कुमार साहनी     666/6 
 रणवीर सिंह                 667/6 
 अरविंद कुमार गुप्ता     669/6 
 महेंद्र कुमार गुप्ता     670/6 
 नीता जैन                 258/6 
 राजबाला                 257/6 
 उमेश अग्रवाल     256/6 
 विमला भूटानी     146/6 
 राम गोपाल गर्ग     145/6 
 सौरभ तिवारी     144/6
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