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Meerut: पुलिस ने मस्जिदों से उतारे लाउडस्पीकर, एसएसपी से मिला मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल, ये मिला जवाब

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 09 Mar 2026 10:38 PM IST
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सार

ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के अध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एसएसपी अविनाश पांडे से मिला। कहा कि सहरी और इफ्तार के टाइम पर ही सायरन बजता है, नरमी बरती जाए। एसएसपी ने कहा कि एसपी सिटी के साथ बैठक करके इस मामले का समाधान निकाल लें। 

Meerut: Police removed loudspeakers from mosques, Muslim delegation met SSP, got this reply
एसएसपी से मिलने पहुंचे कारी शफीकुर्रहमान और अन्य गणमान्य। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेरठ पुलिस ने शहर में कई स्थानों पर मस्जिदों से लाउडस्पीकर और माइक उतारे तो सोमवार को ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल अध्यक्ष के नेतृत्व में मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिला। मस्जिदों से लाउडस्पीकर और रमजान के दौरान सहरी-इफ्तार के एलान से जुड़े मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। कहा कि मस्जिदों से माइक और लाउडस्पीकर न उतारे जाएं, नरमी बरती जाए।
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ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के अध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान ने एसएसपी को बताया कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का उपयोग सिर्फ अजान और रमजान के दौरान सहरी में रोजा रखने और शाम को इफ्तार के समय रोजा खोलने के एलान के लिए कुछ ही मिनटों के लिए किया जाता है। अधिकांश मुसलमान अपना रोजा मस्जिद के इमाम के एलान पर ही रखते और खोलते हैं, इसलिए इन चंद मिनटों के उपयोग से किसी प्रकार का विशेष ध्वनि प्रदूषण नहीं होता। 
 
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प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि मस्जिदों के माइक और लाउडस्पीकर न उतारे जाएं और खासतौर पर पवित्र रमजान के महीने में इस मामले में नरमी बरती जाए। प्रतिनिधिमंडल में हाजी मोहम्मद राशिद, हाजी मोहम्मद समी सलमानी, मोहम्मद अतीक अलवी, राव खालिद, मौलाना आजाद, मोहम्मद जैद सिद्दीकी, मोहम्मद जुनैद अंसारी, मोहम्मद मुआज, क़ारी अफ्फान कासमी, काजी हस्सान, कुंवर अब्बास एडवोकेट आदि शामिल रहे।
 

जो परंपराएं चली आ रही हैं उन्हें जारी रहने दिया जाए: कारी शफीकुर्रहमान
कारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि कोतवाली का सायरन आजादी के बाद से लेकर वर्ष 2026 तक लगातार बजता रहा, जिसे सिविल डिफेंस के लोग संभालते थे। यह सायरन दिन में सिर्फ दो बार एक बार सहरी के समय और एक बार इफ्तार के समय बजता था, लेकिन रमजान के पहले तीन दिन बजने के बाद उसे भी बंद कर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जो परंपराएं पुराने जमाने से चली आ रही हैं उन्हें जारी रहने दिया जाए और रमजान के पवित्र महीने में इबादत से जुड़े इन माध्यमों को भी परंपरागत तरीके से करने दिया जाए।
 

जांच कराने के बाद लिया जाएगा निर्णय: एसएसपी
एसएसपी मेरठ अविनाश पांडे ने सारी बातें सुनकर एसपी सिटी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी कानूनी रूप से उचित होगा, वही किया जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी के साथ एक बैठक कर ले, क्योंकि सीयूजी नंबर पर जो शिकायतें आई हैं उनमें बताया गया है कि कुछ जगहों पर घंटों लाउडस्पीकर का उपयोग होता है जबकि प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ कुछ मिनटों के लिए होता है। 

एसएसपी का कहना है कि धार्मिक स्थलों से नियमानुसार लाउड स्पीकर हटाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी विशेष धर्म को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। सभी धर्म गुरुओं से शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की गई है।

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