Israel-Iran War: युद्ध के कारण बिगड़ी बाजार की चाल, शेयर बाजार लुढ़कने से मेरठ में निवेशकों के 500 करोड़ डूबे
सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 2400 अंक और निफ्टी 750 अंक से ज्यादा टूट गया, जिससे शहर के निवेशकों के करीब 500 करोड़ रुपये घट गए। विशेषज्ञों ने इसके पीछे मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को वजह बताया।
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शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। शहर के निवेशकों के कुछ ही मिनटों में 500 करोड़ रुपये घट गए। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स करीब 2,400 अंक टूट गया। निफ्टी- 50 भी 750 अंकों से ज्यादा गिर गया। ऐसे में बाजार की चाल पूरी तरह बिगड़ गई। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यूएस -इस्राइल और ईरान युद्ध रहा। अब वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू -राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
चैंबर फॉर डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ एमएसएमई के सचिव और बाजार जानकार आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि बाजार खुलने के सिर्फ 10 मिनट के भीतर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 12.39 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। कुल बाजार मूल्य करीब 437 लाख करोड़ रुपये तक सिमट गया। इस गिरावट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल है।
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शेयर ब्रोकर मुकेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि सोमवार को बाजार में लगभग हर क्षेत्र में बिकवाली देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन का शेयर करीब आठ फीसदी तक टूट गया। ऐसे में मेरठ के काफी लोगों को नुकसान हुआ। टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय स्टेट बैंक और मारुति सुजुकी के शेयरों में लगभग पांच फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक सबसे ज्यादा पांच फीसदी से ज्यादा गिरा।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई वृद्धि रही। बाजार के विशेषज्ञ डॉ. संजीव अग्रवाल के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट करीब 30 फीसदी उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ब्रेंट क्रूड भी लगभग 27 फीसदी बढ़कर 118 डॉलर के करीब पहुंच गया। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद तेल की कीमतें पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची हैं। तेल की कीमतों में तेजी की वजह स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में पैदा हुआ संकट है। जहां आवाजाही लगभग रुक गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्लास्टिक, रबर, पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में इजाफा होने की संभावना है।
शेयर ब्रोकर अनिल वर्मा ने बताया कि बाजार गिरने में शहर के कुछ निवेशकों ने पैसा भी लगाया। अनिल वर्मा ने बताया रूस यूक्रेन युद्ध में भी बाजार में गिरावट आई तब भी कुछ लोगों ने निवेश किया। गिरावट कुछ महीने रहेगी, लेकिन बाजार फिर उठेगा।
