मेरठ में इस त्योहारी सीजन में पुलिस थाने बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। यदि सावधानी जरा भी हटी तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। दरअसल, इस दिवाली सीजन में सीज किए गए करोड़ों रुपये के अवैध पटाखे और आतिशबाजी पुलिस थानों में जमा है। ऐसे में यही शुक्र मनाइए कि सरूरपुर थाने में साल 2014 जैसी घटना इस साल न हो।
मेरठ: त्योहारी सीजन में पुलिसवालों को थाने में डर सताए, साल 2014 में जो हुआ, कहीं फिर न हो जाए
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पांच फरवरी 2014 को थाना सरूरपुर में अचानक धमाके होने लगे। यहां मालखाने की सफाई हो रही थी, तभी पटाखों में अचानक विस्फोट हो गया। चपेट में आकर दो पुलिसकर्मी समेत सात लोग झुलस गए थे।
हेडमोर्हिर रामगोपाल और बलवीर सिंह को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया था। इसके बाद थानों में पटाखे न रखने के निर्देश दिए गए थे। यह निर्देश फिलहाल फाइलों में ही दबकर रह गए। इस दिवाली सीजन में एक बार फिर से कई थानों के मालखाने आतिशबाजी से भर गए हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।
सवा करोड़ की आतिशबाजी
इस दिवाली सीजन में पुलिस कई जगह छापा मारकर लगभग सवा करोड़ की आतिशबाजी जब्त कर चुकी है। 16 अक्तूबर दतावली गांव की तीन गोदामों से करीब 50 लाख के पटाखे बरामद हुए थे। जिन्हें भावनपुर थाने में रखवाया गया।
17 अक्तूबर को भी क्राइम ब्रांच ने रोहटा में करीब 50 लाख के पटाखे पकड़े थे। इसके अलावा शहर कोतवाली क्षेत्र के तीरगरान से करीब 13 लाख के पटाखे बरामद हुए थे। फलावदा और मवाना के सठला में भी भारी संख्या में पटाखे और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। जिन्हें सीलकर थानों के मालखाने में रखवा दिया गया।
कोर्ट के आदेश पर होंगे नष्ट
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एनसीआर में पटाखे बनाना प्रतिबंधित है। कोतवाली, भावनपुर और मवाना थानो में आतिशबाजी सील कर रखी गई है। रोहटा की सामग्री को गोदाम में सील किया गया है।
रोहटा में ग्रीन पटाखों को छोड़कर बाकी को सील किया गया है। सीएफओ का कहना है कि जहां भी अवैध पटाखे पकड़े जा रहे हैं, संबंधित थाने में केस दर्ज किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश पर ही पटाखों को नष्ट किया जा सकता है। जहां पटाखे सील कर रखे गए हैं, वहां फायर संबंधी उपकरण लगाए गये हैं।
जब नष्ट करते समय हुआ विस्फोट
22 मई 2016 को लिसाड़ीगेट के इस्लामाबाद में आतिशबाजी के लिए लाए गए पटाखों को नष्ट किया जा रहा था। इस दौरान हुए विस्फोट से तीन बच्चे समेत सात लोग घायल हो गए थे।