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Meerut: दो आरोपी गिरफ्तार, भेजे जेल, फर्जी सीओ बना मास्टरमाइंड शशांक अब भी फरार, सर्विलांस से तलाश जारी

Tue, 04 Aug 2026 02:32 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 04 Aug 2026 02:32 PM IST
सार

मेरठ के मोहकमपुर में फर्जी पुलिस चौकी चलाकर लोगों को पुलिस कार्रवाई और मुठभेड़ का डर दिखाकर वसूली करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड शशांक शर्मा अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। मामले में राहुल पाल और आकाश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस सर्विलांस के जरिए शशांक की तलाश में जुटी है।

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Fake Police Outpost Case: Two Arrested in Meerut, Mastermind Shashank Still Absconding
मेरठ में फर्जी पुलिस मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के मोहकमपुर में फर्जी पुलिस चौकी चलाकर लोगों से वसूली करने के मामले में पुलिस को अब तक आंशिक सफलता मिली है। मामले में दो आरोपियों राहुल पाल और आकाश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाला मुख्य आरोपी शशांक शर्मा अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा तक कर रही है।

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सर्विलांस के जरिए शशांक की तलाश
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि शशांक हरियाणा का रहने वाला है। हालांकि पुलिस अभी तक उसकी वास्तविक पहचान और निवास की पुष्टि नहीं कर सकी है। सर्विलांस टीम उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए लोकेशन और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है।
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फर्जी पुलिस चौकी बनाकर करते थे वसूली
मोहकमपुर में फर्जी पुलिस चौकी का खुलासा ब्रह्मपुरी निवासी डेयरी संचालक नीरज पाल की शिकायत पर हुआ था। आरोप है कि गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को पकड़ते थे और पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी या मुठभेड़ का डर दिखाकर रुपये वसूलते थे।

सीओ, इंस्पेक्टर और दरोगा बनकर किया था अगवा
पुलिस जांच के अनुसार शशांक शर्मा खुद को सीओ बताता था, जबकि राहुल पाल इंस्पेक्टर और आकाश कुमार दरोगा की भूमिका निभाता था। आरोप है कि तीनों ने नीरज पाल का अपहरण कर उसे फर्जी पुलिस चौकी में रखा और दो लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने गूगल पे के जरिए 10 हजार रुपये अपने खाते में भी ट्रांसफर करा लिए थे।

खुफिया तंत्र पर भी उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय तक फर्जी पुलिस चौकी संचालित होने की जानकारी स्थानीय खुफिया इकाइयों को नहीं मिल सकी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।

एसपी सिटी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि सर्विलांस टीम की मदद से शशांक का सही पता लगाया जा रहा है। उसकी कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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