UP: मां ने 15 वर्षीय बेटी को बेचने का आरोप, मेरठ-मुजफ्फरनगर के तीन समेत चार आरोपी गिरफ्तार
देहरादून में 15 वर्षीय किशोरी को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी की मां ने आर्थिक तंगी के चलते बेटी का सौदा किया और बाद में रकम पूरी नहीं मिलने पर अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। जांच के दौरान किशोरी को सकुशल बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देहरादून में 15 वर्षीय किशोरी को बेचने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आर्थिक तंगी के चलते मां ने अपनी नाबालिग बेटी का सौदा कर दिया। बाद में तय रकम पूरी नहीं मिलने पर उसने बेटी के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। मामले में किशोरी की मां समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
अपहरण की शिकायत से शुरू हुई जांच
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पांच जुलाई को सहस्रधारा रोड क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। राजपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची, जहां से जानसठ क्षेत्र के घटायन गांव निवासी मनीष कुमार और मेरठ के फलावदा क्षेत्र के नांगोरी गांव निवासी लवी कुमार को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।
यह भी पढ़ें: Meerut: दो आरोपी गिरफ्तार, भेजे जेल, फर्जी सीओ बना मास्टरमाइंड शशांक अब भी फरार, सर्विलांस से तलाश जारी
डेढ़ लाख में खरीदकर दो लाख में बेचने का आरोप
पूछताछ में लवी कुमार ने पुलिस को बताया कि उसने मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के कूकड़ा मंडी निवासी पिंकी मलिक के माध्यम से किशोरी को डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। बाद में उसे दो लाख रुपये में मनीष कुमार को बेच दिया। पुलिस के अनुसार, मनीष ने किशोरी को शादी के उद्देश्य से खरीदा था।
मां समेत चार आरोपी गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने पिंकी मलिक और किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में किशोरी की मां ने आर्थिक तंगी के चलते बेटी का सौदा करने की बात स्वीकार की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
रकम नहीं मिली तो दर्ज करा दी अपहरण की रिपोर्ट
पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की मां को तय डेढ़ लाख रुपये में से केवल 80 हजार रुपये ही दिए गए थे। बाकी 70 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई थी। आरोप है कि जब शेष रकम नहीं मिली तो महिला ने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।