जम्मू के पुलवाला आतंकी हमले में शहीद हुए प्रदीप के चचेरे भाई अमित का कहना है कि इस हमले से हताश होने की जरूरत नहीं है। एक मां का लाल शहीद हुआ है लेकिन, सैकड़ों खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा सेना को डरने की जरूरत नहीं है पूरा देश उनके साथ खड़ा हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंकियों को मिटाने का जो संकल्प लिया है, उसे जारी रखना चाहिए। अमित ने कहा कि एक- एक कर आतंकियों को मार गिराना चाहिए।
शहीद प्रदीप के चचेरे भाई बोले- हताश होने की जरूरत नहीं, लेकर रहेंगे मां के लाल का बदला
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उन्होंने बताया कि प्रदीप तयेरे भाई की शादी के बाद लौटा था। गुरुवार सुबह भी उसका फोन आया था और उसने बताया था कि वह चार घंटे बाद पहुंच जाएगा। लेकिन किसी को क्या पता था कि शाम को मां के लाल की शहादत की खबर आएगी।
अमित ने बताया कि गुरुवार रात में परिवार के सभी सदस्य टीवी चैनल देख रहे थे, उसी दौरान पुलवामा हमले की खबर देखी तो चिंता हो गई। उन्होंने बताया कि उसी दौरान करीब 9:15 बजे सीआएपीएफ द्वारा फोन आया। उन्होंने बताया कि प्रदीप शहीद हो गया है। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
पढ़िए पूरा अपडेट-
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में प्रदीप दो दिन पहले ही तयेरे भाई की शादी के बाद लौटा था। सुबह 11 बजे भी परिजनों से प्रदीप की फोन पर बात हुई थी, लेकिन शाम को ही उसकी शहादत की खबर आ गई। प्रदीप के पिता जगदीश का कहना है कि उसे गर्व है कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, लेकिन वह चाहते हैं कि मोदी सरकार उसकी शहादत का ऐसा बदला ले।
परिजनों के अनुसार प्रदीप वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। उसकी पत्नी कामिनी और दो बेटे सिद्धार्थ और दुष्यंत गाजियाबाद में रहते हैं। बाकी परिजन गांव में। परिजनों ने बताया कि आठ फरवरी को ही वो अपने ताऊ के लड़के अमित की शादी में छुट्टी लेकर आया था। गाजियाबाद के गोविंदपुरम निवासी उसकी पत्नी और बच्चे भी आए थे। सब बड़े खुश थे। 12 फरवरी को ही वो वापस ड्यूटी पर गया था। चचेरे भाई उमेश कुमार के अनुसार के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे ही प्रदीप का फोन उनके पास आया था।