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सेंट्रल मार्केट: नहीं चला बुलडोजर, दुकानदारों को राहत, व्यापारियों ने अखिलेश से लगाई गुहार, पुलिस पर आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 10 Mar 2026 05:13 PM IST
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सार

मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई टलने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली। व्यापारियों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से हस्तक्षेप की मांग की है।

No Demolition in Central Market Yet; Traders Seek Akhilesh Yadav’s Intervention
सेंट्रल मार्केट विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई फिलहाल नहीं हो सकी, जिससे बाजार के व्यापारियों ने राहत की सांस ली। पिछले कई दिनों से बाजार में बुलडोजर चलने की आशंका को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ था। हालांकि कार्रवाई न होने से फिलहाल व्यापारियों को थोड़ी राहत मिली है और बाजार में दुकानें खुली रहीं।

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अखिलेश यादव से लगाई गुहार
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि यह मुद्दा अब उनकी आजीविका से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है। मेरठ व्यापार मंडल ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ में पत्र सौंपा है।
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अखिलेश यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे का समाधान निकालने की बात कही और कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो लैंड यूज चेंज कर व्यापारियों को राहत दी जाएगी। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे को संसद में उठाने की भी बात कही।

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देर रात पुलिस कार्रवाई का आरोप
व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शौंकी वर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन व्यापारियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि देर रात करीब दो बजे, जब धरना स्थल पर लगभग 20 लोग ही मौजूद थे, तब करीब 250 पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और टेंट उखाड़ दिए। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।

आजीविका पर मंडरा रहा संकट
व्यापारियों का कहना है कि यह केवल दुकानों का मामला नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के झंडे लगाने पर कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
 
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