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यज्ञ करना श्रेष्ठ कर्म : राजेश सेठी
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में हुए कार्यक्रम में अध्यक्ष राजेश सेठी ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू समाज के लिए वास्तविक नववर्ष है। जागरूकता की कमी के कारण इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
राजेश सेठी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने कई दशक वर्ष पूर्व जन चेतना महायज्ञ आरंभ किया। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर जिमखाना महाराणा प्रताप मैदान में जन चेतना महायज्ञ कराया जाएगा। सेठी ने कहा कि यज्ञ करना श्रेष्ठ कर्म है।
उन्होंने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति एवं विधर्मियों द्वारा हमें नष्ट करने के प्रयासों से लोहा लेते हुए महर्षि दयानंद ने घोषणा की थी कि वैदिक संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है। जब समस्त विश्व अज्ञान और विद्या विहीन था। भौतिक उन्नति का मार्ग ढूंढ रहा था। तब भारत समस्त ज्ञान, विज्ञान एवं श्रेष्ठ परंपरा से युक्त था। युवा पीढ़ी को प्राचीन गौरव एवं संस्कृति को जानना चाहिए।
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मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में हुए कार्यक्रम में अध्यक्ष राजेश सेठी ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू समाज के लिए वास्तविक नववर्ष है। जागरूकता की कमी के कारण इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
राजेश सेठी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने कई दशक वर्ष पूर्व जन चेतना महायज्ञ आरंभ किया। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर जिमखाना महाराणा प्रताप मैदान में जन चेतना महायज्ञ कराया जाएगा। सेठी ने कहा कि यज्ञ करना श्रेष्ठ कर्म है।
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उन्होंने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति एवं विधर्मियों द्वारा हमें नष्ट करने के प्रयासों से लोहा लेते हुए महर्षि दयानंद ने घोषणा की थी कि वैदिक संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है। जब समस्त विश्व अज्ञान और विद्या विहीन था। भौतिक उन्नति का मार्ग ढूंढ रहा था। तब भारत समस्त ज्ञान, विज्ञान एवं श्रेष्ठ परंपरा से युक्त था। युवा पीढ़ी को प्राचीन गौरव एवं संस्कृति को जानना चाहिए।