मेरठ में चोरी-लूट के वाहन काटने वाला शाकिब उर्फ गद्दू सात साल में 10 करोड़ रुपये का मालिक बन गया। पुलिस ने अभी सिर्फ तीन करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। सोतीगंज में चोरी की गाड़ियां काटने के साथ-साथ 2013-2014 में इंजन-चेचिस नंबर बदलने का धंधा बहुत तेजी से चल रहा था। शाकिब ने चोरी की गाड़ियां कटवाना शुरू किया तो इस धंधे को तेजी से बढ़ाता चला गया। वाहनों के अवैध कटान से लेकर बाहरी राज्यों में सप्लाई के मामलों में उसका नाम आता रहा।
कबाड़ी के बड़े राज: कहां से आई 10 करोड़ की संपत्ति, शाकिब नहीं दे पाया जवाब, सोतीगंज में कार्रवाई जारी
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कहां से आई इतनी संपत्ति, नहीं दे पाया जवाब
शाकिब के पास न कोई खेत की जमीन है और न ही अलग से कोई वैध व्यापार। इसके बावजूद कुछ ही साल में उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटा ली। एक माह पहले ही गैंगस्टर के तहत ब्रह्मपुरी पुलिस ने उसे नोटिस जारी किया था। पुलिस ने पूछा था कि संपत्ति कहां से आई तो शाकिब इसका जवाब नहीं दे पाया था।
अब पुलिस के निशाने पर इकबाल और तसलीम
पुलिस के अगले निशाने पर सोतीगंज का इकबाल और स्मैक माफिया तसलीम है। इन दोनों की 25-25 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बताई गई है। गैंगस्टर के तहत इसकी इस संपत्ति को जब्त करने के लिए भी लालकुर्ती थाने की पुलिस लगी है। पुलिस का कहना है कि एक सप्ताह में करीब 50 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा सकती है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज जुटा लिए गए हैं।
गिरोह का सरगना था शाकिब
शाकिब गाड़ियों को चोरी करने, इंजन और चेसिस नंबर बदलने और फिर उनको दूसरे राज्यों में सप्लाई करने वाले गैंग का लीडर था। फिलहाल वह जेल में बंद है। बताया गया है कि वह अधिकांश वाहनों की चोरी कराकर अवैध रूप से उनकी बिक्री करता था।
डिप्टी कमिश्नर की गाड़ी चोरी के ममाले में आया था शाकिब का नाम
दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर की लग्जरी गाड़ी करीब दो साल पहले चोरी हुई थी। इंजन और चेसिस नंबर बदलकर यह गाड़ी गुजरात में बेच दी गई। इसे बाद में पुलिस ने हापुड़ से बरामद किया। डिप्टी कमिश्नर तत्कालीन एसपी हापुड़ के रिश्तेदार थे। इस प्रकरण में भी शाकिब के गैंग का नाम सामने आया था।