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Meerut News: प्रियंका के मोबाइल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
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प्रियंका का शव ले जाते पुलिसकर्मी।
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सदर थाना क्षेत्र तेली मोहल्ला निवासी प्रियंका विश्वास (33) की मौत का राज शनिवार को भी पहेली बना रहा। पिता उदयभानु विश्वास (76) बेटी की मौत के बाद उसका मोबाइल हरिद्वार लेकर गए और वहीं छोड़कर आ गए। दो बार मेरठ आने के बावजूद उन्होंने किसी को बेटी की मौत की सूचना नहीं दी। इस कारण गहनता से जांच की जा रही है। प्रियंका के शव (कंकाल) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को आएगी। प्रियंका के मोबाइल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही उसकी मौत का राज खुलेगा।
सदर बाजार थाना पुलिस ने उदयभानु और झाड़-फूंक करने वाले थाने लाकर गहनता से पूछताछ की। उदयभानु ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी प्रियंका को पीलिया हो गया था। मेहताब सिनेमा के पास झाड़-फूंक करने वाले को भी उन्होंने अपनी बेटी को कई बार दिखाया लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। वह 12 नवंबर को बेटी के शव को छोड़कर हरिद्वार चला गया। उदयभानु का कहना है कि उसे ठीक से याद नहीं है कि बेटी की मौत कब हुई लेकिन वह उसकी मौत के तीन चार दिन बाद हरिद्वार गया। वह तब तक बेटी के शव के साथ ही घर में रहे थे। हरिद्वार जाकर वह स्वामी नाम के आश्रम या गेस्ट हाउस में रुके थे। प्रियंका के मोबाइल को भी उन्होंने हरिद्वार में जिस कमरे में ठहरे थे। वहीं एक कमरे में छोड़ दिया था। पुलिस उदयभान को हरिद्वार ले जाकर मोबाइल बरामद करेगी और वहां भी पूछताछ करेगी। वह इस बीच में दो बार मेरठ आए। उन्हें गली में रहने वाले लोगों ने भी देखा था लेकिन परिजन की उन पर नजर नहीं पड़ी। मेरठ आने पर भी उन्होंने बेटी की मौत का राज किसी को नहीं बताया। उनका कहना था कि वह पेंशन के काम से मेरठ आए थे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रियंका का शव तेली मोहल्ला स्थित आवास में मिला है।
गंगा में नहाकर हर की पैड़ी पर खींचे फोटो
लगभग पांच महीने उदयभानु हरिद्वार में रुके थे। उनको 25 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती थी। इसी से वह अपना खर्च चलाते थे। गंगा में नहाने के बाद उन्होंने हर की पैड़ी पर मोबाइल से अपने फोटो भी खींचे थे। यह फोटो उनके मोबाइल में मिले हैं। उनका और झाड़-फूंक करने वाले के मोबाइल की पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
उदयभान को लेकर श्मशान पहुंची पुलिस, दी मुखाग्नि
तहेरे भाई विश्वजीत विश्वास ने बताया कि शाम लगभग साढ़े पांच बजे के करीब प्रियंका के शव (कंकाल) का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद सूरजकुंड स्थित श्मशान में शव का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस उनके चाचा उदयभानु को लेकर श्मशान आई थी। उन्होंने ही अपनी बेटी के शव को मुखाग्नि दी और वह पुलिस के साथ ही लगभग 45 मिनट बाद वापस लौट गए।
30 फीसदी बचे शव के अवशेष
प्रियंका का शव 70 फीसदी नष्ट हो गया था लेकिन 30 फीसदी शव बचा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को आएगी। इससे उसकी मौत का कारण पता चलेगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। उदयभानु को हरिद्वार ले जाकर भी पूछताछ की जाएगी। अब तक की पड़ताल में पीलिया से मौत बाद सामने आ रही है लेकिन उदयभान ने किसी को सूचना नहीं दी। इसके चलते गहनता से पड़ताल की जा रही है।
नवीना शुक्ला, सीओ कैंट
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सदर बाजार थाना पुलिस ने उदयभानु और झाड़-फूंक करने वाले थाने लाकर गहनता से पूछताछ की। उदयभानु ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी प्रियंका को पीलिया हो गया था। मेहताब सिनेमा के पास झाड़-फूंक करने वाले को भी उन्होंने अपनी बेटी को कई बार दिखाया लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। वह 12 नवंबर को बेटी के शव को छोड़कर हरिद्वार चला गया। उदयभानु का कहना है कि उसे ठीक से याद नहीं है कि बेटी की मौत कब हुई लेकिन वह उसकी मौत के तीन चार दिन बाद हरिद्वार गया। वह तब तक बेटी के शव के साथ ही घर में रहे थे। हरिद्वार जाकर वह स्वामी नाम के आश्रम या गेस्ट हाउस में रुके थे। प्रियंका के मोबाइल को भी उन्होंने हरिद्वार में जिस कमरे में ठहरे थे। वहीं एक कमरे में छोड़ दिया था। पुलिस उदयभान को हरिद्वार ले जाकर मोबाइल बरामद करेगी और वहां भी पूछताछ करेगी। वह इस बीच में दो बार मेरठ आए। उन्हें गली में रहने वाले लोगों ने भी देखा था लेकिन परिजन की उन पर नजर नहीं पड़ी। मेरठ आने पर भी उन्होंने बेटी की मौत का राज किसी को नहीं बताया। उनका कहना था कि वह पेंशन के काम से मेरठ आए थे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रियंका का शव तेली मोहल्ला स्थित आवास में मिला है।
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गंगा में नहाकर हर की पैड़ी पर खींचे फोटो
लगभग पांच महीने उदयभानु हरिद्वार में रुके थे। उनको 25 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती थी। इसी से वह अपना खर्च चलाते थे। गंगा में नहाने के बाद उन्होंने हर की पैड़ी पर मोबाइल से अपने फोटो भी खींचे थे। यह फोटो उनके मोबाइल में मिले हैं। उनका और झाड़-फूंक करने वाले के मोबाइल की पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
उदयभान को लेकर श्मशान पहुंची पुलिस, दी मुखाग्नि
तहेरे भाई विश्वजीत विश्वास ने बताया कि शाम लगभग साढ़े पांच बजे के करीब प्रियंका के शव (कंकाल) का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद सूरजकुंड स्थित श्मशान में शव का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस उनके चाचा उदयभानु को लेकर श्मशान आई थी। उन्होंने ही अपनी बेटी के शव को मुखाग्नि दी और वह पुलिस के साथ ही लगभग 45 मिनट बाद वापस लौट गए।
30 फीसदी बचे शव के अवशेष
प्रियंका का शव 70 फीसदी नष्ट हो गया था लेकिन 30 फीसदी शव बचा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट रविवार को आएगी। इससे उसकी मौत का कारण पता चलेगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। उदयभानु को हरिद्वार ले जाकर भी पूछताछ की जाएगी। अब तक की पड़ताल में पीलिया से मौत बाद सामने आ रही है लेकिन उदयभान ने किसी को सूचना नहीं दी। इसके चलते गहनता से पड़ताल की जा रही है।
नवीना शुक्ला, सीओ कैंट