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Meerut News: घर बना था कूड़ाघर, गंदगी से जॉन्डिस की आशंका

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:48 AM IST
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The house had become a garbage dump, fear of jaundice due to the filth.
प्रियंका का घर
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मेरठ। जब प्रियंका के शव को बरामद करने के लिए उसके घर को खोला गया तो वह कूड़ाघर लग रहा था। घर की गैलरी और तीनों कमरे में कूड़ा भरा हुआ था। घर में पानी की टोंटियां खुली हुई थीं। घर के अंतिम कमरे में शव पड़ा था। शव में कीड़े लगे थे। चूहों के भी शव नोंचने की आशंका है। इस कमरे में सबसे अधिक कूड़ा था। सौ से अधिक पानी की बोतल, दूध की खाली थैलियां, परफ्यूम की खाली शीशी पड़ीं थीं। उदयभानु दुर्गंध दूर करने के लिए शव और आसपास परफ्यूम का छिड़काव करते थे। शुरुआत में प्रियंका के काला पीलिया (हेपेटाइटिस बी व सी) होने की बात सामने आ रही थी लेकिन गंदगी से पीलिया (जॉन्डिस) होता है। इससे इसी की आशंका अधिक है।
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जब भी बाहर जाते थे बेटी को साथ लेकर जाते थे
विश्वजीत विश्वास ने बताया कि वर्ष 2013 में प्रियंका की मां शमिष्ठा ने खुदकुशी कर ली थी। खुदकुशी की ठोस वजह सामने नहीं आई थी। प्रियंका ने काफी समय पहले स्कूल की नौकरी छोड़ दी थी। उनके चाचा उदयभानु विश्वास प्रयागराज, वाराणसी, हरिद्वार आदि कई जगह घूमने जाते थे। वे जब भी बाहर जाते थे। प्रियंका को अपने साथ लेकर जाते थे। शुक्रवार को चाचा बेगमबाग में चाय की दुकान पर दिखे थे। उन्होंने कहा कि प्रियंका देहरादून में है। शक होने पर पुलिस को सूचना दी। तब प्रियंका की मौत का खुलासा हुआ।
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पूछते तो कह देते कर दूंगा बेटी की शादी

प्रियंका के पड़ोस में रहने वाली उनकी चाची रूपा विश्वास ने बताया कि उनका पैतृक परिवार के बुजुर्ग लगभग दो सौ साल पहले पश्चिम बंगाल से मेरठ आए थे। उदयभानु पांच भाई थे। वे किसी से वास्ता नहीं रखते थे। वह दुर्गाबाड़ी में होने वाली दुर्गा पूजा मेें भी न खुद जाते थे और न प्रियंका को जाने देते थे। प्रियंका की शादी के संबंध में उनसे पूछते तो कह देते कि कर दूंगा शादी, तुम्हें इससे क्या मतलब है। इसलिए वह उनसे अधिक पूछताछ नहीं करते थे।




प्रियंका की मौत से जुड़े इन सवालों के जवाब बाकी
बीमारी से मौत हुई तो उदयभानु ने यह बात छिपाई क्यों।
लगभग पांच महीने तक घर में शव रहने के बावजूद किसी को दुर्गंध क्यों नहीं आई।
हरिद्वार में जहां ठहरे आश्रम-गेस्ट हाउस का नंबर क्यों नहीं लिया।

दो बार मेरठ आए तो परिजन से क्यों नहीं मिले।
घर में इतना कूड़ा कैसे एकत्रित हुआ, टोंटी क्यों खुली छोड़ी।
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