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Sant Kabir Nagar News: शिक्षकों के गले की फांस बना टीईटी का इम्तिहान
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सेमरियावां। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी )का इम्तिहान शिक्षकों के गले की फांस बन गया है। बिना टीईटी के नौकरी पर संकट है। जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया है, उनमें पुरुष शिक्षकों को मंडल के बाहर और महिला शिक्षकों को जिले के बाहर परीक्षा के लिए भेजा गया है।
ऐसे में दूर बने परीक्षा केंद्रों ने महिला और पुरुष शिक्षकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सबसे अधिक दिक्कत उन दंपती शिक्षकों के लिए है, जिन्होंने एक साथ परीक्षा के लिए आवेदन किया है। यह परीक्षा उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जिले के लगभग 4500 शिक्षकों में से 2000 के करीब शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है। इस बार दो-तीन और चार जुलाई को यह अनिवार्य टीईटी परीक्षा होनी है। बिना टीईटी के जो शिक्षक हैं उन्हें 2028 तक परीक्षा उत्तीर्ण करनी अनिवार्य है। इसके बावजूद सेंटर दूर जाने की वजह से बहुत शिक्षक परीक्षा छोड़ने को मजबूर हैं।
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दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने मंडल के बाहर परीक्षा केंद्र नहीं बनाने का दावा किया था। इसके बावजूद उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के कई अभ्यर्थियों के केंद्र 100 से 150 किमी दूर भेज दिए गए हैं। हाल यह है कि पुरुष अभ्यर्थियों को मंडल के बाहर और महिला अभ्यर्थियों को जिले के बाहर भेज दिया गया है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सेमरियावां के ब्लाॅक अध्यक्ष मो. आजम ने बताया कि यूपी टीईटी सेंटर दूर बनाने से अभ्यर्थियों के समय और धन दोनों की बर्बादी होगी। इससे सभी शिक्षक परेशान होंगे। सभी एक तो वैसे ही परेशान हो रहे हैं। इसके साथ परीक्षा केंद्र का निर्धारण उचित नहीं है।
ऐसे में दूर बने परीक्षा केंद्रों ने महिला और पुरुष शिक्षकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सबसे अधिक दिक्कत उन दंपती शिक्षकों के लिए है, जिन्होंने एक साथ परीक्षा के लिए आवेदन किया है। यह परीक्षा उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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जिले के लगभग 4500 शिक्षकों में से 2000 के करीब शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है। इस बार दो-तीन और चार जुलाई को यह अनिवार्य टीईटी परीक्षा होनी है। बिना टीईटी के जो शिक्षक हैं उन्हें 2028 तक परीक्षा उत्तीर्ण करनी अनिवार्य है। इसके बावजूद सेंटर दूर जाने की वजह से बहुत शिक्षक परीक्षा छोड़ने को मजबूर हैं।
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दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने मंडल के बाहर परीक्षा केंद्र नहीं बनाने का दावा किया था। इसके बावजूद उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के कई अभ्यर्थियों के केंद्र 100 से 150 किमी दूर भेज दिए गए हैं। हाल यह है कि पुरुष अभ्यर्थियों को मंडल के बाहर और महिला अभ्यर्थियों को जिले के बाहर भेज दिया गया है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सेमरियावां के ब्लाॅक अध्यक्ष मो. आजम ने बताया कि यूपी टीईटी सेंटर दूर बनाने से अभ्यर्थियों के समय और धन दोनों की बर्बादी होगी। इससे सभी शिक्षक परेशान होंगे। सभी एक तो वैसे ही परेशान हो रहे हैं। इसके साथ परीक्षा केंद्र का निर्धारण उचित नहीं है।