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Sant Kabir Nagar News: बाढ़ से पहले बंधों को सुरक्षित करना चुनौती
Tue, 30 Jun 2026 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:26 AM IST
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लोहरैया/मेंहदावल। जिले में बारिश शुरू हो चुकी है। बाढ़ का खतरा अभी नहीं है, लेकिन सुरक्षा कार्य धीमा है। कुछ जगहों पर काम चल रहा है, परंतु कई स्थानों पर अब भी ढिलाई देखी जा रही है। लोहरैया क्षेत्र में ढोलबजा से गायघाट तक कटान रोकने का कार्य कराया जा रहा है, वहीं एमबीडी बांध पर अभी तक रेनकट नहीं भरे गए हैं। इसी तरह मेंहदावल में करमैनी-बेलौली तटबंध पर भी कई जगहों पर काम नहीं कराया गया है।
बरसात का मौसम शुरू होते ही सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना और आगामी दिनों में कटान को देखते हुए सिंचाई विभाग ने तटवर्ती गांवों की सुरक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले वर्षों में हुई तबाही से सबक लेते हुए विभाग ढोलबजा, भौवापार और गायघाट गांवों को बचाने के लिए नदी किनारे लोहे की जाली लगाकर उसमें बालू से भरी बोरियां एवं बोल्डर भरकर कटान स्थलों पर लगवा रहा है। इसके साथ ही जियो ट्यूब लगाकर भी नदी की धारा से गांवों को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरयू नदी में हर साल कई बार जलस्तर में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है। जलस्तर बढ़ने पर नदी का पानी एमबीडी बांध तक पहुंच जाता है और तेज बहाव के कारण किनारों पर कटान शुरू हो जाती है। पिछले पांच वर्षों में सरयू नदी के किनारे बसे गायघाट गांव के कई मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। कई परिवार अपने घर तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, जबकि सरकार ने नदी में घर गंवा चुके कुछ बाढ़ पीड़ित परिवारों का पुनर्वास भी कराया है।
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सरयू नदी की कटान से एमबीडी बांध से ढोलबजा को जोड़ने वाली पक्की सड़क भी प्रभावित हुई थी। करीब 100 मीटर सड़क नदी की भेंट चढ़ गई थी और कई स्थानों पर सड़क का आधा हिस्सा कट जाने से आवागमन जोखिम भरा हो गया था। बाद में सिंचाई विभाग ने मिट्टी डालकर सड़क को चौड़ा कराया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
वर्तमान में एक ओर सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य करा रहा है, वहीं दूसरी ओर एमबीडी बांध पर बने रैनकट को लेकर विभाग की उदासीनता चिंता का विषय बनी है। बरसात शुरू होने के बावजूद अब तक इन कमजोर स्थानों की मरम्मत या सुरक्षा के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बाढ़ के दौरान बांध की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। दूसरी ओर मेंहदावल क्षेत्र के पूर्वी उत्तरी हिस्से में स्थित करमैनी-बेलौली तटबंध पर भी कई जगहों पर काम नहीं कराया गया है। बरसात का समय चल रहा है, लेकिन तटबंध पर अवर अभियंता रात्रि विश्राम नहीं करते हैं। राप्ती नदी पर करमैनी-बेलौली तटबंध का निर्माण हुआ है। कई स्थानों पर तटबंध पर गड्ढे बने हुए हैं। दो दिनों से बरसात हो रही है, लेकिन तटबंध की जिम्मेदारी मेट संभाल रहे हैं।
बिशनपुर में चल रहा स्पर-वोल्डर व अन्य कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। क्षेत्र के दयासागर यादव, श्रीराम, शिव शंकर अवनीन्द्रनाथ, बैजनाथ दीपचंद आदि का कहना है कि वर्तमान समय में तटबंध की स्थिति ठीक नहीं है। विभागीय अधिकारी जब बरसात होता है तभी बांध पर नजर आते हैं। कई जगह तटबंध पर गड्ढे हैं। रेनकट भी दिखाई दे रहे हैं। अभी नदी का जलस्तर काफी नीचे है, लेकिन तटबंध से सटे गांव के लोग तटबंध की स्थिति देखकर परेशान हैं।
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क्षतिग्रस्त पुलिया तोड़कर छोड़ी, निर्माण में देरी से ग्रामीणों में रोष
लोहरैया। धनघटा क्षेत्र में एमबीडी बांध और सियरकला को जोड़ने वाली पुलिया का निर्माण कार्य शुरू होने के नाम पर पुरानी पुलिया को लगभग एक पखवाड़े पहले तोड़कर हटा दिया गया, लेकिन अब तक नई पुलिया का निर्माण शुरू न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया हटाने के बाद लोगों के आवागमन के लिए केवल एक कच्चा मार्ग बना दिया गया है, जबकि दोनों ओर करीब 30 फीट गहरे गड्ढे हैं। बरसात शुरू होने के कारण यह रास्ता भी जोखिम भरा हो गया है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाएगी। इससे सियरकला, गायघाट, करनपुर और चकदहा सहित कई गांवों के लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित होगा। ग्रामीण सूर्यलाल, बिहारी,संजय, अक्षय सिंह, चंद्रभान, राधेश्याम सहित अन्य लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात को देखते हुए पुलिया का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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धनघटा तहसील क्षेत्र में बांध पर बने रेनकट को भरने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा, जिससे बांध पर काम शुरू हो सके।
-रविकांत चौबे, एसडीएम, धनघटा
बरसात का मौसम शुरू होते ही सरयू नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना और आगामी दिनों में कटान को देखते हुए सिंचाई विभाग ने तटवर्ती गांवों की सुरक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले वर्षों में हुई तबाही से सबक लेते हुए विभाग ढोलबजा, भौवापार और गायघाट गांवों को बचाने के लिए नदी किनारे लोहे की जाली लगाकर उसमें बालू से भरी बोरियां एवं बोल्डर भरकर कटान स्थलों पर लगवा रहा है। इसके साथ ही जियो ट्यूब लगाकर भी नदी की धारा से गांवों को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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सरयू नदी में हर साल कई बार जलस्तर में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है। जलस्तर बढ़ने पर नदी का पानी एमबीडी बांध तक पहुंच जाता है और तेज बहाव के कारण किनारों पर कटान शुरू हो जाती है। पिछले पांच वर्षों में सरयू नदी के किनारे बसे गायघाट गांव के कई मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। कई परिवार अपने घर तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, जबकि सरकार ने नदी में घर गंवा चुके कुछ बाढ़ पीड़ित परिवारों का पुनर्वास भी कराया है।
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सरयू नदी की कटान से एमबीडी बांध से ढोलबजा को जोड़ने वाली पक्की सड़क भी प्रभावित हुई थी। करीब 100 मीटर सड़क नदी की भेंट चढ़ गई थी और कई स्थानों पर सड़क का आधा हिस्सा कट जाने से आवागमन जोखिम भरा हो गया था। बाद में सिंचाई विभाग ने मिट्टी डालकर सड़क को चौड़ा कराया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
वर्तमान में एक ओर सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य करा रहा है, वहीं दूसरी ओर एमबीडी बांध पर बने रैनकट को लेकर विभाग की उदासीनता चिंता का विषय बनी है। बरसात शुरू होने के बावजूद अब तक इन कमजोर स्थानों की मरम्मत या सुरक्षा के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बाढ़ के दौरान बांध की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। दूसरी ओर मेंहदावल क्षेत्र के पूर्वी उत्तरी हिस्से में स्थित करमैनी-बेलौली तटबंध पर भी कई जगहों पर काम नहीं कराया गया है। बरसात का समय चल रहा है, लेकिन तटबंध पर अवर अभियंता रात्रि विश्राम नहीं करते हैं। राप्ती नदी पर करमैनी-बेलौली तटबंध का निर्माण हुआ है। कई स्थानों पर तटबंध पर गड्ढे बने हुए हैं। दो दिनों से बरसात हो रही है, लेकिन तटबंध की जिम्मेदारी मेट संभाल रहे हैं।
बिशनपुर में चल रहा स्पर-वोल्डर व अन्य कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। क्षेत्र के दयासागर यादव, श्रीराम, शिव शंकर अवनीन्द्रनाथ, बैजनाथ दीपचंद आदि का कहना है कि वर्तमान समय में तटबंध की स्थिति ठीक नहीं है। विभागीय अधिकारी जब बरसात होता है तभी बांध पर नजर आते हैं। कई जगह तटबंध पर गड्ढे हैं। रेनकट भी दिखाई दे रहे हैं। अभी नदी का जलस्तर काफी नीचे है, लेकिन तटबंध से सटे गांव के लोग तटबंध की स्थिति देखकर परेशान हैं।
क्षतिग्रस्त पुलिया तोड़कर छोड़ी, निर्माण में देरी से ग्रामीणों में रोष
लोहरैया। धनघटा क्षेत्र में एमबीडी बांध और सियरकला को जोड़ने वाली पुलिया का निर्माण कार्य शुरू होने के नाम पर पुरानी पुलिया को लगभग एक पखवाड़े पहले तोड़कर हटा दिया गया, लेकिन अब तक नई पुलिया का निर्माण शुरू न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया हटाने के बाद लोगों के आवागमन के लिए केवल एक कच्चा मार्ग बना दिया गया है, जबकि दोनों ओर करीब 30 फीट गहरे गड्ढे हैं। बरसात शुरू होने के कारण यह रास्ता भी जोखिम भरा हो गया है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाएगी। इससे सियरकला, गायघाट, करनपुर और चकदहा सहित कई गांवों के लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित होगा। ग्रामीण सूर्यलाल, बिहारी,संजय, अक्षय सिंह, चंद्रभान, राधेश्याम सहित अन्य लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात को देखते हुए पुलिया का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
धनघटा तहसील क्षेत्र में बांध पर बने रेनकट को भरने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा, जिससे बांध पर काम शुरू हो सके।
-रविकांत चौबे, एसडीएम, धनघटा