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क्रोध से हमेशा होता है नुकसान : सुमेधा
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:23 AM IST
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जेतवन परिसर में पूजा करते श्रीलंका के अनुयायी।- संवाद
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कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को श्रीलंका से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु सुमेधा महाथेरो के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान अनुयायियों ने बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि का उद्घोष भी किया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु सुमेधा महाथेरो ने कहा कि क्रोध से कभी किसी का भला नहीं हुआ है। क्रोध के चलते हमेशा नुकसान ही होता है। ऐसे में हम सभी को क्रोध से बचना चाहिए। हजारों लड़ाइयों को जीतने के बाद भी मनुष्य तब तक विजयी नहीं हो सकता, जब तक वह स्वयं पर विजय प्राप्त न कर ले।
उन्होंने अनुयायियों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति से अधिक अपनी यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। बौद्ध सभा के बाद अनुयायियों ने कौशांबी कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, नाग लोक, गाना लोक, विद्यावती व धम्म सागर आदि मौजूद रहे।
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बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु सुमेधा महाथेरो ने कहा कि क्रोध से कभी किसी का भला नहीं हुआ है। क्रोध के चलते हमेशा नुकसान ही होता है। ऐसे में हम सभी को क्रोध से बचना चाहिए। हजारों लड़ाइयों को जीतने के बाद भी मनुष्य तब तक विजयी नहीं हो सकता, जब तक वह स्वयं पर विजय प्राप्त न कर ले।
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उन्होंने अनुयायियों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति से अधिक अपनी यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। बौद्ध सभा के बाद अनुयायियों ने कौशांबी कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, नाग लोक, गाना लोक, विद्यावती व धम्म सागर आदि मौजूद रहे।