BHU: छात्राओं के लिए बढ़ेंगी बसें, हर छात्र को मिलेगा डोमेन; कुलपति बोले- अनुशासन व सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
Varanasi News: कुलपति ने कहा कि हॉस्टल और परिसर में स्वास्थ्य, स्वच्छता, अनुशासन और सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारियां हैं। कुलपति ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखें।
विस्तार
BHU Varanasi: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के त्रिवेणी कॉम्प्लेक्स में बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने छात्राओं के साथ संवाद किया। इस दौरान छात्राओं की सुविधाओं, स्वच्छता और परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
संवाद कार्यक्रम में छात्राओं ने परिसर में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई, जिस पर कुलपति ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी को bhu.ac.in डोमेन के तहत व्यक्तिगत आधिकारिक ईमेल आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे संचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाया जा सके।
कार्यक्रम में हुई विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। कुलपति ने त्रिवेणी कॉम्प्लेक्स में दिव्यांगों के लिए बनाए गए शौचालय का उद्घाटन किया और छात्राओं, वार्डेन, संकाय सदस्यों तथा विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल और विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य, स्वच्छता, अनुशासन और सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि चारू चतुर्वेदी ने महिला सशक्तीकरण पर संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि छात्र कल्याण विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक वातावरण का अहम हिस्सा है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी 34 छात्रावासों में छात्राओं की सुविधा के लिए सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का बेहतर ध्यान रखा जा सके। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया।