Electricity Crisis: रेलवे लाइन के नीचे केबल क्षतिग्रस्त, 20 गांवों में दो हफ्ते से ब्लैकआउट; आक्रोश
Ballia News: बांसडीह रोड रेलवे स्टेशन के पास मुख्य विद्युत केबल क्षतिग्रस्त होने से 19-20 गांवों में पिछले 14-15 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। नई केबल डालने के लिए फरवरी में रेलवे से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। ग्रामीणों ने जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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Electricity Crisis UP: वाराणसी-छपरा रेल खंड अंतर्गत बांसडीह रोड रेलवे स्टेशन के समीप एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं का जीवन बेपटरी हो गया है। फाइव स्पेशल रेलवे क्रॉसिंग के निकट बिशुनपुरा-बघौली गांव के पास रेलवे लाइन के नीचे से गुजरने वाली मुख्य विद्युत केबल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
इसके चलते क्षेत्र के करीब 19-20 गांवों में पिछले दो सप्ताह (14-15 दिनों) से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इस प्रचंड गर्मी में बिजली न होने से जहां आम जनजीवन त्रस्त है, वहीं लोगों के घरों में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण महज शो-पीस बनकर रह गए हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों ने इस विकट समस्या के समाधान के लिए मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी को पत्र भेजकर जनहित में जल्द से जल्द नई केबल बिछाने की अनुमति देने की मांग की है। बताया गया कि रेलवे लाइन के नीचे से गुजरने वाली यह विद्युत केबल लगभग 50-60 वर्ष पहले डाली गई थी, जो अपनी मियाद पूरी होने के कारण अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
ग्रामीणों ने जब बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ। निगम अधिकारियों के अनुसार, नई केबल डालने की अनुमति के लिए 12 फरवरी 2026 को ही रेलवे प्रशासन को आधिकारिक पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी अब तक रेलवे विभाग से हरी झंडी नहीं मिल सकी है। अनुमति के अभाव में नई केबल डालने का काम अधर में लटका हुआ है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पिछले दो हफ्तों से अंधेरे और भीषण गर्मी से जूझ रहे ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। ग्रामीणों ने रेलवे को भेजे पत्रक में साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि रेल प्रशासन ने जल्द ही अनुमति देकर नई केबल डालने का रास्ता साफ नहीं किया, तो क्षेत्रीय जनता बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने और विरोध जताने वालों में मुख्य रूप से आशीष प्रताप सिंह, मनीष कुमार, रोहित चौरसिया, रोहित सिंह, सोनू शर्मा, रिंटू ठाकुर, अजय कुमार, चंदन कुमार, राघवेंद्र कुमार सिंह, एसके सिंह, अजय यादव और अरविंद सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रेलवे लाइन के नीचे की मुख्य केबल में बड़ा फॉल्ट आ गया है। टीम फिलहाल इसे मरम्मत (रिपेयर) कर किसी तरह आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रही है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नई केबल डालना ही है। इसके लिए फरवरी माह में ही रेल विभाग को पत्र लिखा गया था। जैसे ही रेलवे से अनुमति प्राप्त होगी, तुरंत नई केबल डालकर व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा। — धीरज सिंह, अवर अभियंता