UP: रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात को बदलने के मामले में छह पर FIR, दूसरे दंपती की भूमिका पर संदेह; दी धमकी
Azamgarh News: जिले के रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात शिशु को बदलने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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UP News: आजमगढ़ जिले के चर्चित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात शिशु को बदलने के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से सिधारी थाने में तहरीर देकर अस्पताल के कर्मचारियों, प्रबंधन से जुड़े लोगों और दूसरे दंपती समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पुरानी कोतवाली क्षेत्र के आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा ने 4 जून को जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई को बलिया जिला महिला अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया था। नवजात की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए तिवारीपुर स्थित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि 27 मई को अस्पताल प्रबंधन ने उनके पुत्र की जगह एक नवजात बच्ची उन्हें सौंप दी। विरोध करने पर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें चुप रहने तथा जेल भेजने की धमकी दी।
शिकायत में यह भी कहा गया कि मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधक डॉ. दीपक कुमार पांडेय अपने स्टाफ के साथ कंचनपुर गांव पहुंचे और वहां से उनका वास्तविक नवजात पुत्र को वापस दिलाया। इसके बाद बच्चे को दोबारा अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया गया और 28 मई को डिस्चार्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने पुत्र को बेचने की कोशिश तथा पूरे मामले को दबाने के लिए धमकी देने का भी आरोप लगाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी नगर और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 10 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि अस्पताल में भर्ती दोनों नवजात शिशुओं के पहचान टैग खराब होने और नए टैग लगाने में हुई गलती के कारण दोनों बच्चों की पहचान बदल गई। रिपोर्ट के अनुसार, स्टाफ नर्स नीतू यादव ने अपने बयान में स्वीकार किया कि मालिश के दौरान बच्चों के टैग खराब हो गए थे और नए टैग लगाने में त्रुटि हो गई।
जांच समिति ने यह भी पाया कि दूसरे दंपती की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। रिपोर्ट के मुताबिक, माधवी यादव ने अस्पताल में पहले ही शिकायत की थी कि उसके यहां पुत्री का जन्म हुआ था, जबकि उसे पुत्र सौंपा गया है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में 17 मई को रासेपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में जांच के दौरान भी यह पुष्टि हुई कि उसके यहां पुत्री का जन्म हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वह और उसके पति कन्हैया यादव नवजात लड़के को अपने साथ लेकर चले गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द्र कुमार की तहरीर पर सिधारी थाने में नीतू यादव, अनरजीत चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव और कन्हैया यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।