Varanasi News: 50 मीटर में चार चौराहे, 40 पुलिसकर्मी, फिर भी सड़क बनी पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट; परेशानी
Varanasi News: वाराणसी के कई चौराहों और प्रमुख मार्गों पर नंबर टेकर भी सक्रिय रहते हैं। पांडेयपुर, कैंट, लहुराबीर, लंका जैसे चौराहों पर इन्हें देखा जा सकता है। ये लोग ऑटो-टोटो वालों को रोककर पर्ची थमाकर रकम वसूलते हैं। वहीं, पुलिस भी लापरवाह बनी रहती है।
विस्तार
Varanasi Traffic: शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह सवारी वाहनों की मनमानी भी है। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने सड़कों को ही पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट बना लिया है। हैरानी की बात यह है कि चार प्रमुख व्यस्त चौराहों पर 50 मीटर के दायरे में 40 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था संचालन के लिए ड्यूटी में लगाया गया है।
इसके बावजूद सवारी वाहनों की मनमानी जारी है और पुलिस केवल सड़क पर डंडा पीटकर यातायात नियंत्रित करने तक सीमित है। हालत यह है कि चालक बीच सड़क वाहन रोककर सवारियां बैठाते और उतारते हैं, जिससे कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है।
कई स्थानों पर नंबर टेकर भी सक्रिय हैं। ये लोग सड़क के बीच वाहन रुकवाकर चालकों को पर्ची थमाते हैं और वहीं से सवारी भरने का दबाव बनाते हैं। इसके चलते सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है, जो जाम लगने का कारण बन रहा है। शहर के कैंट स्टेशन, मैदागिन, लहरतारा, सिगरा, गोदौलिया, लंका, चौकाघाट और भेलूपुर जैसे व्यस्त इलाकों में नियमों की अनदेखी आम है।
ट्रैफिक पुलिस को सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया है। ऐसे चौराहे, जहां ऑटो व ई-रिक्शा की वजह से जाम लग रहा है, वहां अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने वाले चालकों के वाहन सीज किए जाएंगे। - अंशुमान मिश्रा, एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक
इंग्लिशिया लाइन तिराहा
इंग्लिशियालाइन तिराहा पर सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक सड़क की एक लेन पर ऑटो चालकों का कब्जा रहता है। तिराहे से लेकर काशी विद्यापीठ गेट नंबर एक के पास तक लंबी लाइन में ऑटो खड़े रहते हैं और बीच सड़क तीन से चार की संख्या में पर्ची लिए नंबर टेकर मौजूद रहते हैं।
मैदागिन चौराहा
शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में एक मैदागिन है। यहां से काशी काल भैरव और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाने का मुख्य मार्ग है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में ऑटो व ई-रिक्शा इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन ठहराव चौराहे के चारों तरफ होता है। यहीं से सवारियों को बैठाया जाता है। चौराहे पर ही पुलिस बूथ है। छह से ज्यादा पुलिसकर्मी और चार ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहते हैं, बावजूद इसके यहां वाहनों को रोककर सवारियां बैठाई जाती हैं। जबकि 100 मीटर की दूरी पर कोतवाली थाना भी है।
लहुराबीर चौराहा
लहुराबीर चौराहे के चारों तरफ ऑटो व रिक्शा सड़क घेरकर सवारियों को बैठाते और उतारते हैं। कभी-कभी तो राहगीरों से उलझ भी जाते हैं। जबकि चौराहे पर ही पुलिस बूथ है। यहां छह की संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मी रहते हैं। 200 मीटर की दूरी पर चेतगंज थाना है। इसके ठीक 400 मीटर आगे बेनियाबाग तिराहा है, जहां भी मनमाने तरीके से संचालन होता है। सड़क की दोनों लेन को ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने पार्किंग बना दिया है।
पांडेयपुर चौराहा
पांडेयपुर चौराहे के पास 10 मीटर के दायरे में आधा दर्जन पुलिसकर्मियों की तैनाती है। इसके बावजूद चौराहा मार्ग से चौकाघाट की तरफ आने वाले ऑटो व ई-रिक्शा आधी सड़क घेरकर सवारियां बैठाते और उतारते हैं। मार्ग पर चौबेपुर और आजमगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों से सवारियां बैठाने के चक्कर में सड़क पर ही 30–40 की संख्या में ऑटो चालक खड़े रहते हैं। इस वजह से पूरे दिन पांडेयपुर चौराहा जाम की चपेट में रहता है।