सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gangaur Mata Procession Glimpse of Rajasthani Culture Five Idols Immersed in Lakshmikund

गणगौर माता की शोभायात्रा: राजस्थानी संस्कृति की दिखी झलक, पांच विग्रहों को लक्ष्मीकुंड में विसर्जित किया

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 22 Mar 2026 02:38 PM IST
विज्ञापन
सार

Varanasi News: यात्रा बुलानाला, नीचीबाग, चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, गिरजाघर होते हुए देर शाम लक्सा स्थित श्याम मंदिर पहुंची। यहां महिलाओं ने घरों में पूजित गणगौर व ईशरजी को मंदिर में स्पर्श करवाकर उन विग्रहों को लक्ष्मीकुंड में विसर्जित किया। 

Gangaur Mata Procession Glimpse of Rajasthani Culture Five Idols Immersed in Lakshmikund
श्री गवरजा माता उत्सव समिति की ओर से शोभायात्रा में शामिल लोग। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

श्री गवरजा माता उत्सव समिति की ओर से शनिवार को काशी गोशाला गोलघर से गाजेबाजे के साथ गणगौर माता की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में राजस्थानी संस्कृति झलक दिखी। महिलाओं ने 15 दिनों तक पूजित पांच विग्रहों को लक्ष्मीकुंड में विसर्जित किया।

Trending Videos


संस्था के अध्यक्ष कमल अग्रवाल, मंत्री राम बूबना, कोषाध्यक्ष लाला चांडक एवं पवन कुमार अग्रवाल ने मां गणगौर का पूजन किया। शोभायात्रा में बैंड-बाजा, डमरू वादक, ढोल एवं शहनाई वादक पारंपरिक धुनों पर लोग झूमे। मारवाड़ी समाज, माहेश्वरी क्लब, मारवाड़ी महिला संगठन, मारवाड़ी युवा मंच वाराणसी, गंगा, अन्नपूर्णा, वरुणा, शिव बारात समिति, श्याम परिवार एवं अरिंदम आदि संगठनों के लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश के राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयाल’ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उत्सव की शुभकामना दी। शोभायात्रा में भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, उद्यमी आरके चौधरी, दीपक बजाज, उमाशंकर अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, प्रदीप तुलस्यान, नवरतन राठी, दीपक माहेश्वरी, योगेश भुरारिया, शंकरलाल सोमानी, अनूप सर्राफ, गौरीशंकर नेवर, पवन मोदी, गौरव राठी, कृष्ण कुमार काबरा माैजूद रहे।

बसो मेरे नैन कृष्ण छवि मन भाए....से किया विभोर
चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को नमो घाट पर सांस्कृतिक संध्या में सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल की निकिता भोवाल ने कथक की प्रस्तुति दी। उन्होंने दुर्गा स्तोत्रम् ’’सर्व मंगल मंगले... से शुरुआत की। शुद्ध नृत्य- जयताल 13 मात्रा में भाव नृत्य- ’’बसो मेरे नैन कृष्ण छवि मन भाए.... पर नृत्य पेशकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। संयोजन अंशुमान महाराज ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अनूप कुमार मिश्रा ने किया। 

कामिनी जोशी का गायन हुआ
सुबह ए बनारस में अस्सीघाट पर शनिवार को दिल्ली की कामिनी जोशी का गायन हुआ। राग तोड़ी में विलंबित एकताल में निबद्ध बंदिश के बोल थे- शगुन विचारो रे...। तबले पर आरयेश मिश्रा एवं संवादिनी पर गोपाल सिंह भारद्वाज ने संगत की। कलाकारों को प्रमाणपत्र मंजू गुप्ता एवं डॉ. पूर्णिमा मिश्रा ने दिया। संचालन डॉ. रत्नेश वर्मा ने किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed