Electricity Crisis: चार दिन में 53 मेगावाट बढ़ गया लोड, काशी में दो से तीन घंटे तक हो रही बिजली कटौती; परेशानी
Varanasi News: गर्मी की शुरुआत होते ही बिजली की खपत बढ़ने लगी है। इस कारण, अब बिजली की समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। फॉल्ट की शिकायतें विभाग में लगातार आ रही हैं, जिसका समाधान भी किया जा रहा है।
विस्तार
UP Electricity Crisis: पिछले चार दिन में जिले में बिजली की खपत 53 मेगावाट बढ़ गई है। 6 मार्च को जिले में 459 मेगावाट खपत थी, जो 09 मार्च को बढ़कर 512 मेगावाट पहुंच गई। इस कारण शहरी इलाकों में कहीं ट्रिपिंग हो रही है तो लो वोल्टेज के कारण एक फेस बिजली मिलने की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। मंगलवार को बिजली के आने-जाने की समस्या बनी रही।
यहां ये रहा हाल
- महेशपुर ब्लॉक रोड पर मंगलवार दिन में 1 बजे फॉल्ट हो गया। लोगों ने सूचना दी, लेकिन आपूर्ति बहाल करने में एक घंटे का समय लग गया।
- शिवदासपुर में ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के नाम पर दोपहर 2 बजे बिजली काटी गई, जो शाम 5 बजे के बाद बहाल हो सकी।
- मंडुवाडीह डीपीएच के तहत शीलनगर कालोनी में दोपहर 1 बजे बिजली कट गई। मेन सप्लाई में फॉल्ट होने की वजह से 1 घंटे बाद आई।
- महमूरगंज, सिगरा-झूलेलालनगर काॅलोनी में 1.30 बजे फॉल्ट की वजह से बिजली गुल हो गई।
- शिवराजनगर काॅलोनी में एक ही फेस बिजली मिलने से कई घरों में न तो पंखा चल सका और न ही फ्रिज।
काॅलोनियों में नीचे लटक रहे तार, एबीसी का पता नहीं
बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए ढीले तारों को टाइट करने और एबीसी लगाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है, बावजूद इसके शहर में कई जगहों पर तार नीचे तक लटक रहे हैं। मंडुवाडीह डीपीएच के पीछे की काॅलोनी में कई जगह तार इस तरह लटक रहे हैं कि गेट खोलने पर बड़ी सतर्कता से लोग बाहर निकल पाते हैं। इसी तरह की स्थिति रामनगर के मच्छरहट्टा इलाके में भी है। यहां घर की छत की बाउंड्री से ठीक सटे जर्जर तार जा रहे हैं। इसमें आए दिन करंट का खतरा बना रहता है।सारनाथ के पुरानापुल के दनियालपुर में तारों को दीवार के सहारे लटकाकर आपूर्ति दी जा रही है।
- दिनांक 2025 (मेगावाट) 2026 (मेगावाट)
- 06 मार्च 426.03 459
- 07 मार्च 434.93 477
- 08 मार्च 460.55 513
- 09 मार्च 437.47 512
गर्मी में बेहतर आपूर्ति के लिए ही अनुरक्षण महीना चलवाया जा रहा है। इसके तहत ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत, तारों को बदलवाने का काम कराया जा रहा है। फॉल्ट की सूचना जिस उपकेंद्र के तहत मिल रही है, वहां संबंधित अधिकारियों को तुरंत समस्या का समाधान करवाने को कहा गया है। - राकेश कुमार, मुख्य अभियंता