Varanasi News: प्रवेश की बारी आई तो जागे अभिभावक, अब जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दौड़ रहे निगम; जानें अपडेट
Varanasi News: स्कूल प्रवेश शुरू होते ही जन्म प्रमाणपत्र की मांग बढ़ी, जिससे अभिभावक नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। रोज करीब 150 आवेदन आ रहे हैं। एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सिटी मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी है। दस्तावेजों की जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी हो रहा है, जिस पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।
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Varanasi News: स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के दाखिले शुरू होते ही अभिभावकों को जन्म प्रमाणपत्र की याद आने लगी है। बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाते समय मांगे जाने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक जन्म प्रमाणपत्र अधिकतर बच्चों का नहीं बना है। यह दस्तावेज न बनवाने वाले माता-पिता अब नगर निगम के जोनल कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। नगर निगम में प्रतिदिन सभी कार्यालयों को मिलाकर करीब 150 आवेदन आ रहे हैं।
अप्रैल महीने से ही सभी विद्यालयों में प्रवेश शुरू होते हैं। प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश लेते समय अपार आईडी जनरेट होती है। इसमें ब्योरा दर्ज करने के दौरान जन्म तिथि भी भरी जाती है, जिसका सत्यापन जन्म प्रमाणपत्र से होता है। नगर निगम के जोनल कार्यालयों में आ रहे आवेदनों में अधिकांश उन बच्चों के हैं, जिनकी उम्र एक साल से अधिक है। नियम के अनुसार, बच्चे के जन्म के एक वर्ष से अधिक समय होने पर सिटी मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होती है। ऐसे मामलों में पहले दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है, जिसके बाद संबंधित विभाग प्रमाणपत्र जारी करता है।
अभिभावक जानकारी न होने का हवाला देते हैं, जबकि हकीकत यह है कि अस्पताल से छुट्टी के बाद उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और अब स्कूलों में प्रवेश के समय दस्तावेज की अनिवार्यता सामने आने पर परेशानी उठानी पड़ रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, आवेदन के साथ अस्पताल का रिकॉर्ड, माता-पिता के पहचान पत्र और शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य है। जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित विभाग को दस्तावेज भेजे जाते हैं, जहां से प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र के आवेदनों पर प्राथमिकता से कार्रवाई जारी है। सभी अभिभावकों को समय सीमा में प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।