सीजन का गर्म दिन रहा शनिवार: अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस, पहली बार 23 के पार न्यूनतम पारा; जानें अपडेट
Varanasi News: वाराणसी में गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में तेज धूप इतनी तीखी रही कि उसका असर रात तक बना रहा। तापमान में गिरावट न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। उमस और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित है, खासकर दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।
विस्तार
Varanasi Weather: गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन में तीखी धूप होने और गर्म हवाओं ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। इस बीच शनिवार को अधिकतम तापमान के 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद नया रिकॉर्ड बन गया। ऐसा छह साल बाद हुआ है जब अप्रैल में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके पहले 2019 में 45.3 था। हालांकि पहली बार न्यूतनम तापमान भी 23 के पार पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले तीन-चार दिन तक मौसम ऐसे ही बने रहने के आसार हैं।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बीतने के बाद से ही मौसम ने ऐसा करवट लिया है कि जिधर देखो उधर हर कोई गर्मी से बेहाल हो गया है। सुबह 10 बजे तक ही धूप इतनी तेज हो रही है कि बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहा। धूप इतनी तेज थी कि गर्मी भी अन्य दिनों की तुलना में अधिक रही। रात में भी मौसम गर्म रहने की वजह से बच्चों से लेकर बड़े तक गर्मी से बिलबिला गए।
शनिवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जो कि औसत से 5.3 अधिक रहा। न्यूनतम तापमान भी 23.5 रिकॉर्ड किया गया। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार गर्म पछुआ हवाओं की सक्रियता अभी बनी रहेगी। इसी वजह से गर्मी जस की तस बनी है। बताया कि चार-पांच दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं।
प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा बनारस
शनिवार को अधिकतम तापमान के 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर बन गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 47.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा पहले नंबर पर रहा। 45.0 डिग्री सेल्सियस के साथ बनारस दूसरे, फुर्सतगंज 44 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरे, बाराबंकी 43.4 डिग्री सेल्सियस के साथ चौथे नंबर पर दर्ज किया गया।
डॉक्टरों की सलाह-धूप में निकलें तो सिर ढका रहना जरूरी
इस सपताह के शुरूआत से तीखी धूप होने और तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी बने रहने का असर सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा हे। सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी और नमक की कमी की वजह से शरीर में खून का प्रवाह होने में भी परेशानी होती है। हीट स्ट्रोक का भी खतरा रहता है। बताया कि दोपहर में जब भी धूप में निकलें तो सिर को ढककर निकलना चाहिए। इस मौसम में उल्टी, डायरिया, टायफायड, वायरल फीवर की समस्या बढ़ जाती है।
