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BHU: यूजीसी नियमावली लागू करने की मांग, छात्रों ने निकाला मार्च, विश्वनाथ मंदिर परिसर में जुटे छात्र
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:47 AM IST
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सार
बीएचयू में यूजीसी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने मार्च निकाला। इस दौरान विश्वनाथ मंदिर परिसर में एससी, एसटी, ओबीसी छात्र जुटे। वहीं एहतियातन भारी संख्या में फोर्स तैनात रही।
यूजीसी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने निकाला मार्च
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर परिसर में बुधवार को समानता और सामाजिक न्याय को लेकर बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के छात्र एकत्र हुए। छात्रों ने यूजीसी नियमावली लागू करने की मांग की और बीएचयू प्रशासन को पत्रक सौंपा।
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छात्रों के मार्च को देख बड़ी संख्या में पुलिस और बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ सुरक्षाकर्मी रहे। छात्रों ने ज्ञापन में कहा है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्षों से जातिगत भेदभाव चल रहा है। प्रवेश, परीक्षा, शोध, छात्रवृत्ति, छात्रावास, नियुक्ति और पदोन्नति में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को अपमान, बहिष्कार और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
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छात्रों ने थोरात समिति रिपोर्ट और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली अध्ययन (2019) का हवाला दिया। कहा कि प्रतिभा और आरक्षित वर्ग के नाम पर होने वाला सूक्ष्म भेदभाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। कई छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होते हैं और कुछ आत्महत्या जैसे कदम तक उठा लेते हैं।
छात्र संगठनों का कहना है कि इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी नियम 2026 लागू किए गए हैं। इन नियमों में हर विश्वविद्यालय में समान अवसर केंद्र, प्रतिनिधित्व वाली समानता समिति, संस्थान प्रमुख की जवाबदेही, पारदर्शी शिकायत व्यवस्था और नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान हैं। ये नियम संविधान की भावना के अनुरूप हैं।
