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Varanasi News: राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी याचिका पर 19 फरवरी को सुनवाई
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वाराणसी। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध दाखिल निगरानी याचिका पर एमपी-एमएलए कोर्ट में अब 19 फरवरी को सुनवाई होगी। बृहस्पतिवार को यह मामला सूचीबद्ध था, लेकिन एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह बार काउंसिल चुनाव में पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त ऐसे में सुनवाई टल गई।
मामले के अनुसार, राहुल गांधी ने सितंबर 2024 में अमेरिका यात्रा के दौरान एक बयान में कहा था कि भारत में सिखों को पगड़ी बांधने और कड़ा पहनने की आजादी मिलेगी या नहीं और क्या वे एक सिख के रूप में गुरुद्वारे जा सकेंगे। इस बयान पर सारनाथ क्षेत्र के तिलमापुर निवासी व पूर्व ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्र ने आपत्ति जताते हुए परिवाद दाखिल किया था।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ नीरज त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को इस परिवाद को खारिज कर दिया था। इसके विरुद्ध नागेश्वर मिश्र ने सत्र न्यायालय की एमपी-एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने एसीजेएम के आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक निगरानी याचिका दाखिल की गई, जिसे भी खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को निचली अदालत को मामले की पुनः सुनवाई का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ ने 17 अक्तूबर 2025 को परिवाद को फिर से खारिज कर दिया। इस आदेश के विरुद्ध नागेश्वर मिश्र ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पुनः सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की। कोर्ट ने विपक्षी राहुल गांधी को उभय प्रकार से नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
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मामले के अनुसार, राहुल गांधी ने सितंबर 2024 में अमेरिका यात्रा के दौरान एक बयान में कहा था कि भारत में सिखों को पगड़ी बांधने और कड़ा पहनने की आजादी मिलेगी या नहीं और क्या वे एक सिख के रूप में गुरुद्वारे जा सकेंगे। इस बयान पर सारनाथ क्षेत्र के तिलमापुर निवासी व पूर्व ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्र ने आपत्ति जताते हुए परिवाद दाखिल किया था।
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ नीरज त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को इस परिवाद को खारिज कर दिया था। इसके विरुद्ध नागेश्वर मिश्र ने सत्र न्यायालय की एमपी-एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने एसीजेएम के आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक निगरानी याचिका दाखिल की गई, जिसे भी खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को निचली अदालत को मामले की पुनः सुनवाई का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ ने 17 अक्तूबर 2025 को परिवाद को फिर से खारिज कर दिया। इस आदेश के विरुद्ध नागेश्वर मिश्र ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पुनः सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की। कोर्ट ने विपक्षी राहुल गांधी को उभय प्रकार से नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
