खाई में पलटी बच्चों से भरी वैन: एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल, पांच वर्षीय छात्र की हालत गंभीर; बचाने दाैड़े लोग
UP Accident News: जौनपुर में बृहस्पतिवार को एक स्कूली वैन खाई में पलट गई, जिससे एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए। हादसे में पांच वर्षीय एक छात्र की हालत गंभीर बताई गई है। ग्रामीणों ने वैन के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप लगाया है।
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जौनपुर के सुजानगंज थाना क्षेत्र के बेलवार स्थित एसएस पब्लिक स्कूल की वैन बुधवार सुबह सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चे घायल हो गए। पांच वर्षीय एक छात्र की हालत गंभीर होने पर उसे प्रयागराज रेफर किया गया। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने वैन के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। अभिभावकों ने चालक की लापरवाही और वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप लगाया है।
स्कूल वैन शिवरिया, बालामऊ और कुन्दहा गांवों से बच्चों को लेकर विद्यालय आ रही थी। बेलवार के पास एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिससे वैन सड़क किनारे खंदक में पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वैन में करीब 18 बच्चे सवार थे, जबकि उसकी क्षमता आठ से दस बच्चों की बताई जा रही है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए वैन के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सुजानगंज भेजा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को रेफर किया गया।
अस्पताल पहुंचे परिजन
घायलों में पांच वर्षीय अभी यादव पुत्र कल्लू यादव की हालत गंभीर होने पर उसे स्वरूप रानी अस्पताल, प्रयागराज भेजा गया। एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय स्वयं सरकारी वाहन से बच्चे को लेकर प्रयागराज रवाना हुए। वहीं शिक्षिका संध्या यादव और छात्रा श्रेजा यादव की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
घायल बच्चों में श्रेजा यादव (11 वर्ष, कक्षा-4), अक्षरा यादव (10 वर्ष, कक्षा-3), अनन्या यादव (7 वर्ष, यूकेजी), सान्वी यादव (6 वर्ष, एलकेजी), सुहानी (13 वर्ष, कक्षा-6), उन्नति (13 वर्ष, कक्षा-7), आयुषी यादव (12 वर्ष, कक्षा-4) सहित अन्य बच्चे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी घायलों का उपचार कराया गया है।
हादसे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि निजी विद्यालयों के वाहनों में न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और न ही निर्धारित क्षमता का ध्यान रखा जाता है, जिससे बच्चों की जान जोखिम में पड़ रही है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वाहन की फिटनेस, क्षमता और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।