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न्याय की गुहार: एफआईआर दर्ज न होने पर पुलिस कमिश्नर की रोकी गाड़ी, महिला ने मांगा इंसाफ; जांच के आदेश
Wed, 01 Jul 2026 12:54 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:54 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी जिले में एक पीड़ित परिवार ने प्राथमिकी दर्ज न होने पर पुलिस आयुक्त की गाड़ी रोक ली। इस पर पुलिस आयुक्त ने उन्हें कार्यालय बुलाया। पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाई। इस पर पुलिस आयुक्त ने डीसीपी गोमती जोन को जांच के आदेश दिए।
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पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी जिले में जंसा थाना क्षेत्र की महिला और उसके परिजनों ने मंगलवार सुबह पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की कार रोक ली। कार रोककर न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि मारपीट के मामले में उनकी प्राथमिकी जंसा पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। पुलिस आयुक्त ने परिवार को कार्यालय बुलाया और शिकायत सुनने के बाद डीसीपी गोमती जोन को जांच के आदेश दिए।
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क्या है पूरा मामला
पीड़िता ने बताया कि उसके पति गुजरात में हैं। वह 18 साल की बेटी और बेटे के साथ घर में रहती हैं। आरोप है कि 23 जून की सुबह गांव के कुछ मनबढ़ों ने उसके घर के सामने मड़ई रखकर रास्ता रोक दिया। जब पीड़िता और बच्चों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा।
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आरोपियों ने उसकी साड़ी भी खींची, जिससे वह अपमानित हुई। बेटी का दाहिना हाथ टूट गया और कपड़े भी फाड़ दिए। बेटे को भी बेरहमी से पीटा गया। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई थी। मौके पर रामेश्वर चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्ष पहुंचे, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय ऊपर से दबाव की बात कही। पुलिस ने 14 दिन बाद मुआयना और मेडिकल कराने की बात कही।
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महिला ने आरोप लगाया है कि थाने में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। मांग है कि उसे और उसकी बेटी को तत्काल इलाज मिले। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। पुलिस आयुक्त ने डीसीपी गोमती जोन को जांच के आदेश दिए।