UP: रसोईघर तक पहुंची पश्चिम एशिया के तनाव की आंच, बरातों में कोयले से पक रहा खाना; एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत
Varanasi News: घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की अब किल्लत होने लगी है। एजेंसियों पर बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नहीं मिल रही है। इस कारण उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति सामने आ रही है। लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधनों का उपयोग शुरू हो गया है।
विस्तार
Israel Iran War: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब रसोईघरों तक पहुंच गया है। जिले में व्यावसायिक और घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित होने लगी है। सिलिंडर मिलने का समय बढ़ गया है। इससे करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ता परेशान हो गए हैं।
यदि हालात यही रहे तो अगले बीस दिनों में यह आंकड़ा आठ लाख पार कर जाएगा। जिले में आठ लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। गैस एजेंसियों पर बुकिंग और डिलीवरी को लेकर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन रही है।
सहालग का समय है। रोजाना औसतन 100 से अधिक शादियां हो रही हैं। ऐसे में व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी ने कैटरर्स और हलवाइयों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिन परिवारों में शादी समारोह हैं, वे सिलिंडर की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। कई लोग रिश्तेदारों और पड़ोसियों से घरेलू सिलिंडर उधार लेकर काम चला रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर मजबूरी में लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हो रही परेशानी
कैटरर मनोज केसरी बताते हैं कि सहालग शुरू हो गया है। एक बरात में 10 से अधिक सिलिंडर खर्च हो जाते हैं। अब दो भी मिलने मुश्किल हो रहे हैं। अभी एक बरात में किसी तरह से छह सिलिंडर जुटाए और कुछ लकड़ियों और कोयले का इंतजाम भी किया ताकि मौके पर सब्जी और पानी गर्म करना अन्य काम चूल्हे के माध्यम से किया जा सके। वहीं, एक अन्य कैटरर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को एक बरात कार्यक्रम में उन्हें सिलिंडर ही नहीं मिला।
गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लग रही भीड़ : एलपीजी गैस सिलिंडरों की आपूर्ति कम होने से गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। बुकिंग के बावजूद समय पर डिलीवरी न मिलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मचारियों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बन रही है।
पैकेजिंग उद्योग पर गैस संकट की मार, बंदी की कगार पर 50 इकाइयां
पश्चिम एशिया के हालात और स्थानीय स्तर पर गैस सिलेंडरों की किल्लत ने अब जिले के औद्योगिक पहिये की रफ्तार रोक दी है। गैस एजेंसियों द्वारा व्यावसायिक (कॅमर्शिअल) सिलेंडरों की आपूर्ति बंद किए जाने से जिले का कॉरुगेटेड पैकेजिंग उद्योग संकट में घिर गया है।
इंडस्ट्रियल एस्टेट चांदपुर में उत्तर प्रदेश कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा बुलाई गई एक आपात बैठक में उद्यमियों ने पीड़ा साझा की। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने बताया कि वाराणसी का यह उद्योग न केवल स्थानीय बाजार की जरूरतें पूरी करता है बल्कि पूरे पूर्वांचल सहित बिहार और झारखंड के बड़े हिस्से को पैकेजिंग बॉक्स की आपूर्ति करता है। गैस न मिलने के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।
व्यावसायिक की जगह घरेलू सिलिंडर
गैस की कमी के बीच नियमों के उल्लंघन के मामले भी सामने आ रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने के कारण कई होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर घरेलू सिलिंडरों का उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद चोरी-छिपे यह खेल जारी है, जिससे राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।
कुछ कंपनियों ने व्यावसायिक सिलिंडर की सप्लाई कम कर दी थी, जिससेे डिमांड अचानक से बढ़ने लगी। आम जनता के लिए ऑनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। 25 दिनों के बाद बुकिंग होने के नए नियम के कारण कुछ लोगों को दिक्कत हुई होगी। - केबी सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी