समस्तीपुर जिले के केवस निजामत पंचायत में पीएचईडी विभाग की घोटालेबाज़ी अब खुलकर सामने आ रही है। मेंटेनेंस और मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन हालत यह है कि एक भी चापाकल से पानी नहीं निकल रहा। मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर पंचायत में सभी विभागों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा यहां नहीं हुई, लेकिन इस बीच पीएचईडी विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार अब उजागर हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चापाकल की मरम्मत के नाम पर सिर्फ रंगरोगन और फर्श का काम किया गया, लेकिन पानी की निकासी के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ। लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और अब वे सभी विभागों में हो रहे कार्यों की जांच की मांग कर रहे हैं।
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जिले में पीएचईडी विभाग की लापरवाही आम रही है। नल जल या चापाकल की हालत हमेशा खराब रहती है। जब इस मामले में पीएचईडी कर्मचारियों से बयान लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कहा कि वे बाइट देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। पीएचईडी विभाग के वरीय पदाधिकारी द्वारा यह बात कहे जाने से स्पष्ट हो गया कि पूरे विभाग में गड़बड़ी है। मरम्मत की गई चापाकलों में से एक भी काम नहीं कर रही है और सभी चापाकल खराब पड़ी हैं। यह मामला विभाग की कार्यशैली और जनता के पैसे के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है।