पाटन विधानसभा के जामगांव एम स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में राज्यस्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्कूली बच्चों का तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराकर और बैग सौंपकर उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा को विकास का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी नौकरी का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा और राजनीति के लिए भी आवश्यक है। राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के साथ बच्चों को संस्कार भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण के समय एक मेडिकल कॉलेज था, जो अब बढ़कर 15 हो चुके हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहले एक नालंदा परिसर था, अब 34 बनाए जा रहे हैं। इन परिसरों में यूपीएससी और सीजीपीएससी की अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। दिल्ली स्थित हॉस्टल से 13 बच्चों ने हाल ही में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से राज्य में अब कोई स्कूल शिक्षक-विहीन नहीं है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना के साथ दूरस्थ स्कूलों तक शिक्षक पहुंचाए गए हैं। जगरगुंडा में एक एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा। पंचायतों के विकास के लिए विकसित भारत जी-राम योजना शुरू हुई है। इसके तहत मिली राशि का उपयोग तीन महीने में शौचालय, अतिरिक्त कक्षा, राशन गोदाम और आंगनबाड़ी भवन निर्माण में होगा।
दुर्ग शहर के लिए घोषणाएं
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांगों पर मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें शिक्षा विभाग की एक कम्पोजिट बिल्डिंग का निर्माण शामिल है। स्वामी आत्मानंद स्कूल (टैगोर हॉल) परिसर में एक ऑडिटोरियम और फुटबॉल मैदान भी बनेगा। जेईई और नीट की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 100-100 सीट वाले दो अलग-अलग छात्रावास भी बनाए जाएंगे। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में काफी सहूलियत मिलेगी।