दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को "पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन" पहल के तहत पांच माओवादी कैडरों ने समाज की मुख्यधारा में वापसी की। इनमें चार महिला माओवादी शामिल हैं, जिन पर कुल नौ लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा बलों ने विभिन्न डंपों से 40 घातक हथियार बरामद किए हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े थे। इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन के एसीएम सोमे कड़ती (पांच लाख रुपये का इनामी), पार्टी सदस्य लखमा ओयाम, सरिता पोड़ियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम शामिल हैं। इन सभी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था।
आत्मसमर्पण करने वालों में एक भैरमगढ़ एरिया कमेटी का एसीएम, तीन भैरमगढ़ एरिया कमेटी के पार्टी सदस्य और एक गंगालूर एरिया कमेटी का पार्टी सदस्य था। इनकी सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा बलों ने आठ एसएलआर राइफल, तीन इंसास राइफल, एक कारबाइन, एक 303 राइफल और पांच बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 40 हथियार बरामद किए। इस बरामदगी से माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को आघात पहुंचा है। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के अनुरूप आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश चौधरी, दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश ध्रुव और पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास का वातावरण बनाना है। उन्होंने बताया कि हिंसा का मार्ग छोड़ने वाले युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के अवसर दिए जा रहे हैं।