पुलवामा हमले की बरसी पर सीआरपीएफ 188 बटालियन, कोंडागांव द्वारा शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बटालियन के कमांडेंट के नेतृत्व में कोंडागांव स्थित शहीद स्मारक पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जवानों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने भाग लिया। कमांडेंट ने अपने संबोधन में कहा कि आज ही के दिन वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि देश उन शहीदों के त्याग और समर्पण को कभी नहीं भुला सकता, जिनकी शहादत ने पूरे राष्ट्र को एकजुट किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत बनाया।
बस्तर के वीरों को भी किया नमन
कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट ने बस्तर क्षेत्र के उन वीर अधिकारियों और जवानों को भी याद किया, जिन्होंने नक्सलवाद से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने बताया कि कोंडागांव का शहीद स्मारक उन 460 से अधिक वीर सपूतों की स्मृति में निर्मित है, जिन्होंने छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर की धरती पर शांति और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि सीआरपीएफ नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। 31 मार्च तक छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सीआरपीएफ अग्रणी भूमिका निभा रही है।
आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सीआरपीएफ की प्रतिबद्धता
कमांडेंट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम उनकी शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे। आने वाले समय में देश के सामने चाहे आतंकवाद हो या नक्सलवाद जैसी कोई भी चुनौती, सीआरपीएफ सदैव तत्पर और अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहेगी।” कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा और सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के लिए अपने संकल्प को दोहराया।