उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग प्रयागराज की ओर से प्रदेश भर में कराई जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2026 जिले में पहले दिन बृहस्पतिवार को सम्मपन हुई। तीन दिन तक चलने वाली इस परीक्षा में पहले दिन दो पालियों में करीब 17 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें सबसे बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि औसतन सवालों से शिक्षक बनने की राह आसान हो गई है। सुबह और दोपहर की पाली में प्रवेश से पहले हुई दोहरी चेकिंग के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थी महिलाओं के मंगलसूत्र, कुंडल और बालों में लगाएं जाने वाला क्लेचर उतरवाया। साथ ही कोई किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रानिक उपकरण अंदर नहीं जाने दिया।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में तीन दिन के अंदर 42420 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिसके लिए 19 केंद्र बनाए गए हैं। तीन दिन में पांच पालियों में परीक्षा होगी। पहले दिन सभी केंद्रों पर सख्ती से चेकिंग की गई। हर जगह महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी केंद्रों पर तैनात की गईं। सुबह साढ़े आठ बजे से ही चेकिंंग शुरू की गई। इसके लिए लंबी कतारें केंद्रों के बाहर देखने को मिली। हापुड़ रोड स्थित सेठ मुकुंद लाल इंटर कॉलेज में चेकिंग दो बार चेकिंग की गई। पहली चेकिंग में अभ्यर्थियों के आईडी और प्रवेश पत्र जांचे गए। साथ ही दूसरी चेकिंग के दौरान मंगलसूत्र, कुंडल, कंगन, बालों में लगाए जाने वाला क्लेचर उतरवाए।
इसके अलावा मोबाइल, स्मार्ट वॉच, हेडफोन समेत सभी इलेक्ट्रानिक उपकरण बैग में रखकर कमरे में जमा कराए गए। वहीं, परीक्षा देकर बाहर आए अधिकतर अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में पूछे गए सवाल औसतन थे, जिनमें गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान के सवाल उन्हें आसान लगे। इसके अलावा रिजनिंग और अंग्रेजी के सवाल थोड़े मुश्किल थे। उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनका शिक्षक बनने का सपना शायद सच हो जाए। बता दें कि यूपी टीईटी प्रदेश में प्राथमिक (कक्षा एक से पांच) और उच्चतर प्राथमिक (कक्षा छह से आठ) स्कूलों में टीचर के तौर पर नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी पात्रता है।
बंद कराए गए कैफे और फोटो कॉपी की दुकान
जिले के सभी 19 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में बने साइबर कैफे, फोटो कॉपी और पीसीओ भी पूरी तरह से बंद कराए गए। पुलिसकर्मियों ने सुबह से ही दुकानदारों से उन्हें बंद करने को कहा। शंभू दयाल कॉलेज के पास खुली एक दुकान को पुलिसकर्मियों ने आकर बंद कराया। साथ ही उन्हें शाम के पांच बजे के समय के बाद ही दुकान खोलने की सलाह दी गई। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, जबकि पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी रही।
ये पूछे गए थे सवाल
- वैदिक भारत में प्रयुक्त जनपद शब्द में प्रयुक्त संस्कृत शब्द पद का शाब्दिक अर्थ क्या है।
- भारत को ताम्र युग को क्या संस्कृति के नाम से भी जाना जाता है।
- किस हिंदूशाही शासक को महमूद गजनी ने पेशावर के युद्ध में पाराजित किया था।
- किस प्रकार की विकलांगता किसी व्यक्ति की देखने की क्षमता को प्रभावित करती है।
परीक्षा के छूटते ही दोनों समय लगा जाम
हापुड़ रोड, मेरठ रोड और जीटी रोड पर बनाए गए केंद्रों पर सुबह और शाम की पाली में परीक्षा खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में बाहर अभ्यर्थियों के कारण जाम की स्थिति बन गई। जीटी रोड पर ठाकुरद्वारा से लेकर चौधरी मोड़ तक करीब तीन किलोमीटर तक वाहन जाम में रेंगते रहे। इसके अलावा हापुड़ रोड पर सेठ मुकुंद लाल कॉलेज से लेकर बस अड्डे फ्लाईओवर तक वाहन जाम में फंसे रहे। वहीं, यातायात पुलिस की तैनाती होने के बावजूद जाम लगा रहा।
अभ्यर्थी बोले, सपना होगा सच
1- पेपर कुल मिलाकर औसतन रहा। गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान के सवाल आसान थे, लेकिन अंग्रेजी और रीजनिंग में थोड़ा समय लगा। उम्मीद है कि इस बार अच्छा परिणाम आएगा। --- ऊषा, दनकौर
2. केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त थी। दो बार चेकिंग हुई और सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान बाहर ही जमा कराए गए। इससे परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई। --- सरिता, ग्रेटर नोएडा
3. महिला अभ्यर्थियों की अलग से जांच की गई। प्रवेश से पहले मंगलसूत्र, कुंडल और क्लेचर तक उतारने पड़े। शुरुआत में थोड़ी असुविधा हुई, लेकिन परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में हुई। ---- सारिका, नोएडा
4. पेपर का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में संतुलित लगा। अधिकांश प्रश्न सिलेबस के अनुसार थे। यदि कटऑफ बहुत ज्यादा नहीं गई तो चयन की अच्छी उम्मीद है। --- श्रृद्धा, नोएडा