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Gurugram: 23 वर्षों से घर का इंतजार, शांति निकेतन सोसाइटी के लोगों का फूटा गुस्सा
सेक्टर-52 स्थित शांति निकेतन को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि 98 मध्यमवर्गीय परिवार पिछले 23 वर्षों से अपने घरों का इंतजार कर रहे हैं लेकिन आज तक उन्हें पूरा अधिकार और राहत नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी परियोजना वर्ष 2003 में शुरू हुई थी और 98 परिवारों को जल्द घर मिलने का भरोसा दिया गया था लेकिन निर्माण कार्य बीच में रुक गया और परिवारों को वर्षों तक परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोगों ने बैंक ऋण लेकर रकम जमा कराई फिर भी उन्हें अपना घर नहीं मिल सका है।
निवासियों का कहना है कि वर्षों से सोसाइटी में अधूरे निर्माण, बढ़ती बकाया राशि और विभिन्न जांचों के कारण मामला उलझा हुआ है। उनका आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया का सबसे बड़ा नुकसान आम परिवारों को उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आज भी उन्हें अतिरिक्त निर्माण लागत और अन्य फाइनेंसियल रिसपर्सेज का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वे एक ही घर की कीमत दो बार चुका रहे हैं। पहले परियोजना में निवेश किया और अब उसे पूरा कराने के लिए फिर से पैसा देना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही लंबित विवादों का जल्द समाधान कर परिवारों को उनका घर सौंपा जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग केवल एक घर नहीं बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की भी है।
वहीं प्रदर्शनकारियों ने 31 मई 2026 को प्रस्तावित जनरल बॉडी मीटिंग पर सहायक रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां द्वारा रोक लगा दी गई जिससे सोसाइटी में निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण समाधान नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा से हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सोसाइटी के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है।
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