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VIDEO : पांच वर्षों से धूल फांक रही सात मोबाइल साइंस वैन, कोरोना से नहीं ली सुध; धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) परिसर में खड़ी सात मोबाइल साइंस वैन पिछले लगभग पांच वर्षों से धूल फांक रही हैं। वर्ष-2020 में कोरोना काल से ही साइंस वैन की सुध नहीं ली गई है। ऐसे में अब यह वैन धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रही हैं।
एससीईआरटी के अधिकारियों की नजरों के आगे ये मोबाइल साइंस वैन रहती हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से बजट जारी नहीं होने के कारण इनको चलाया नहीं जा रहा।
मोबाइल साइंस वैन को पहले एससीईआरटी की ओर से हरियाणा के सभी जिलों में भेजा जाता था। हालांकि बाद में शिक्षा निदेशालय ने साइंस वैन का संचालन करने की जिम्मेदारी एक निजी शैक्षिक संस्था को सौंपी थी। संस्था की ओर से अपने खर्च पर एक साइंस वैन का भी संचालन किया जा रहा था। कोरोना काल से ही शिक्षा निदेशालय ने मोबाइल साइंस वैन की सुध नहीं ली और न ही इनके संचालन को लेकर बजट जारी किया। बजट जारी नहीं होने के कारण निजी शैक्षिक संस्था ने भी साइंस वैनों को स्कूलों में भेजने में रुचि नहीं दिखाई। एससीईआरटी परिसर में खड़ी मोबाइल साइंस वैन के ऊपर पेड़ों के पत्ते, टहनियां पड़ी हैं।
विज्ञान विषय की बारीकियाें को समझते थे बच्चे
मोबाइल साइंस वैन को हरियाणा के सभी जिलों के राजकीय माध्यमिक व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भेजा जाता था। वैन में विज्ञान लैब संबंधी उपकरण, बैनर, पोस्टर, विज्ञान मॉडल सहित अन्य सामग्री रखी रहती थी। स्कूलों में मोबाइल साइंस वैन पहुंचने पर छात्र-छात्राएं विज्ञान विषय की बारीकियाें को समझते थे। लैब के उपकरणों से बच्चे विज्ञान को उत्सुकता से समझते थे। साइंस वैन के माध्यम से विद्यार्थियों में विज्ञान विषय को लेकर रुचि बढ़ती थी।
नए प्रयोगों की मिलती थी जानकारी
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने के साथ ही लैब में प्रैक्टिकल कराया जाता था। वहां पर नए उपकरणों की कमी से विद्यार्थियों को नए उपयोग के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती थी। मोबाइल साइंस वैन में आधुनिक लैब उपकरण, विज्ञान के अलग-अलग विषय पर पोस्टर-बैनर व मॉडल रखे होते थे। इन साइंस वैन के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान के नए उपकरणों व नए प्रयोगों के बारे में जानकारी मिलती थी।
वर्ष-2020 में कोरोना काल से ही इन साइंस वैनों को स्कूलों के लिए नहीं भेजा जा सका है। इन सभी वाहनों के 10 साल का समय पूरा होने वाला है। ऐसे में एनसीआर क्षेत्र में स्कूल वैन का संचालन नहीं किया जा सकता। साइंस वैन के बारे में रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। - सुनील बजाज, संयुक्त निदेशक, एससीईआरटी गुरुग्राम।
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