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Bhakra pipeline project in Sisai stalled due to Forest Department's objections; Cabinet Minister Ranbir Gangwa assures work will begin within two days.
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सिसाय में वन विभाग की आपत्ति से लटकी भाखड़ा पाइपलाइन परियोजना, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने दिया 2 दिन में काम शुरू कराने का आश्वासन
सिसाय कालीरामण और सिसाय बोलान के ग्रामीणों को गहराते पेयजल संकट के बीच एक बड़ी उम्मीद जगी है। शुक्रवार को स्थानीय लोकनिर्माण विभाग के विश्राम गृह में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा से मुलाकात की। ग्रामीणों ने मंत्री के सामने पिछले करीब एक साल से वन विभाग की आपत्ति के कारण अधर में लटकी 15 करोड़ रुपये की भाखड़ा पाइपलाइन योजना की समस्या को प्रमुखता से रखा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने मौके पर ही जनस्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगले दो दिनों के भीतर परियोजना का रुका हुआ कार्य दोबारा शुरू करवा दिया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस बार भी समाधान नहीं हुआ, तो वे चानौत गांव की तर्ज पर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
गर्मी में गहराया पेयजल संकट, 1 साल से फंसा है पेंच
ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि भीषण गर्मी के चलते दोनों गांवों में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। ग्रामीणों की इस स्थायी समस्या को दूर करने के लिए ही इस महत्वाकांक्षी पेयजल योजना का खाका तैयार किया गया था। योजना के पूरा होने से सिसाय कालीरामण और सिसाय बोलान के दोनों पानों के हजारों लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध होना है।
लेकिन ऐन वक्त पर वन विभाग की आपत्ति के कारण काम को बीच में ही रोक दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक विभागों के आपसी तालमेल की कमी और आपत्ति का समाधान न होने की सीधी सजा दोनों गांवों की जनता भुगत रही है। उन्होंने मांग की कि वन विभाग की इस टेक्निकल आपत्ति को तुरंत दूर कर पाइपलाइन बिछाने के काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
15 करोड़ की योजना: सिर्फ कुछ हिस्सा बाकी
इस पूरी पेयजल योजना के तहत करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से नियाणा गांव से सिसाय के जलघरों (Waterworks) तक भाखड़ा नहर का पानी पहुंचाया जाना है। योजना के मुताबिक 18 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का काम लगभग पूरा किया जा चुका है, लेकिन वन विभाग की आपत्ति के बाद पिछले एक साल से अंतिम चरण का काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
अधिकारियों से ली रिपोर्ट, मंत्री बोले- जनता को नहीं होने देंगे परेशान
मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति और वन विभाग की आपत्ति के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कानूनी और तकनीकी अड़चनों को तुरंत दूर करने और दो दिन के भीतर मौके पर मशीनरी उतारकर काम शुरू करने के कड़े निर्देश दिए।
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