Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Hisar News
›
Uproar over Family ID error: Youth from Rajasthan becomes a member of a Haryana family.
{"_id":"6a7471e798b4c1364b065046","slug":"video-uproar-over-family-id-error-youth-from-rajasthan-becomes-a-member-of-a-haryana-family-2026-08-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"फैमिली आईडी में गड़बड़ी से मचा हड़कंप, राजस्थान का युवक बना हरियाणा के परिवार का सदस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैमिली आईडी में गड़बड़ी से मचा हड़कंप, राजस्थान का युवक बना हरियाणा के परिवार का सदस्य
संवाद न्यूज एजेंसी।
हांसी। हरियाणा की फैमिली आईडी प्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव उरीकी निवासी प्रदीप कुमार का नाम बिना उसकी जानकारी और सहमति के हांसी के गांव हाजमपुर निवासी सुरजन सिंह की फैमिली आईडी में दर्ज हो गया। इस मामले के सामने आने के बाद फैमिली आईडी प्रणाली की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हाजमपुर निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि वह न तो हाजमपुर के उस परिवार को जानता है और न ही हरियाणा का निवासी है। वह गुरुग्राम स्थित मारुति कंपनी में कार्यरत है। इस गड़बड़ी को ठीक करवाने के लिए उसे कई बार गुरुग्राम से हांसी और हिसार के सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े हैं।
प्रदीप का कहना है कि इस त्रुटि के कारण वह राजस्थान सरकार की कई योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है। इतना ही नहीं, उसका नाम राजस्थान के राशन कार्ड से भी हट गया है। सरकारी सत्यापन के दौरान ओटीपी भी उसके मोबाइल नंबर की बजाय फैमिली आईडी के मुखिया के नंबर पर जा रहा है, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई है।
उसने बताया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से लगातार शिकायतें कर रहा है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिस फैमिली आईडी में उसका नाम जोड़ा गया है, उसमें कुल 11 सदस्य दर्ज हैं। प्रदीप का आरोप है कि यह पूरी फैमिली आईडी फर्जी है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, हांसी के प्रेमनगर निवासी दिव्यांग सुनील मंजोका भी पिछले 40 दिनों से फैमिली आईडी में जन्मतिथि सत्यापन करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सत्यापन नहीं होने के कारण उन्हें दिव्यांग पेंशन बंद होने के संदेश मिल रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद हरियाणा की फैमिली आईडी प्रणाली की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि संबंधित अधिकारियों ने जल्द ही दोनों मामलों का समाधान कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन अब देखना होगा कि लोगों को वास्तविक राहत कब तक मिल पाती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।