Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Karnal News
›
Government doctors across the district are on strike in protest against the assault on a doctor in Karnal, with emergency services also halted
{"_id":"69aa5f312770ed49d50c5adf","slug":"video-government-doctors-across-the-district-are-on-strike-in-protest-against-the-assault-on-a-doctor-in-karnal-with-emergency-services-also-halted-2026-03-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"करनाल में डॉक्टर से मारपीट के विरोध में जिलेभर के सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर, इमरजेंसी सेवाएं भी ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करनाल में डॉक्टर से मारपीट के विरोध में जिलेभर के सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर, इमरजेंसी सेवाएं भी ठप
घरौंडा के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना के विरोध में शुक्रवार को पूरे जिले के सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर सभी सरकारी चिकित्सकों ने कामकाज ठप कर सिविल अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। इस दौरान ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हो गईं जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। चिकित्सकों ने ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड की सेवाएं भी बंद कर दीं। उनके साथ पैरामेडिकल स्टाफ ने भी समर्थन देते हुए धरने में भाग लिया। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सस्पेंड नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
चिकित्सकों का आरोप है कि घरौंडा अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की गई। इस घटना से पूरे जिले के डॉक्टरों में भारी रोष है। उनका कहना है कि अगर अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वे मरीजों की सेवा कैसे कर पाएंगे। इसलिए सुरक्षा की गारंटी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई बेहद जरूरी है।
शुक्रवार सुबह से ही सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को निराशा हाथ लगी। दूर-दराज के गांवों और कस्बों से आए मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। कई मरीज घंटों तक अस्पताल में इधर-उधर भटकते रहे लेकिन डॉक्टरों के धरने के कारण उन्हें उपचार नहीं मिल सका। खासतौर पर बुजुर्ग और गंभीर बीमार मरीजों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन द्वारा डॉक्टरों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त करवाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन फिलहाल जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित बनी हुई हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।