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महेंद्रगढ़ में दौहान नदी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा 60 क्यूसेक पानी, 70 प्रतिशत काम पूरा
नहर और सिंचाई विभाग की ओर से दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के 12 करोड़ रुपये की परियोजना का 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। एक माह के समय में 30 प्रतिशत काम पूरा करा दौहान नदी क्षेत्र में गांव भगड़ाना के नजदीक 60 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। नहर एवं सिंचाई विभाग की ओर से ठेकेदार के माध्यम से इस कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जा रहा है।
डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ में 30 किलोमीटर क्षेत्र में फैली दौहान दी को पुनर्जीवित करने के लिए यह दूसरी परियोजना है। इससे पूर्व सिंचाई विभाग 13 करोड़ रुपये खर्च कर गांव माजरा खुर्द क्षेत्र में 60 क्यूसेक पानी की परियोजना को पूरा कर चुका है। दोनों परियोजना पूरी होने से 20 से अधिक गांवों में भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है।
विभाग की ओर से 50 वर्ष से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 120 क्यूसेक नहरी पानी छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की दो परियोजना तैयार की थी। सिंचाई विभाग की ओर से जवाहरलाल नेहरू नहर (जेएलएन) के एमसी-5 के नजदीक से 60 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली 1600 एमएम परिधि वाले सीमेंटेड पाइपों की पांच किलोमीटर लंबी लाइन दबाने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
इन गांवों को मिलेगा लाभ
दौहान नदी क्षेत्र में आने वाले गांव माजरा खुर्द, माजरा कलां, सिसोठ, भगड़ाना, लावन, झूक, मालड़ा सराय, मालड़ा बास, पाली, जाट, भुरजट, बसई सहित अन्य गांवों के भूजलस्तर में 120 क्यूसेक नहरी पानी रिचार्ज का काम करेगा। जिले के लिए जीवन रेखा कही जाने वाली जेएलएन कैनाल से पानी ओवरफ्लो होकर हर साल किसानों की फसलें बर्बाद हो रही थीं, लेकिन अब इस पानी से क्षेत्र का भूजल स्तर सुधरेगा।
सिंचाई विभाग की ओर से परियोजना को एक माह के समय में पूरा कर लिया जाएगा। इसका 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है जबकि 30 प्रतिशत को भी तय समय में पूरा किया जाएगा। यह परियोजना पूरी होने के बाद बारिश के मौसम में जेएलएन कैनाल में मिलने वाले अतिरिक्त पानी में से 60 क्यूसेक पानी दौहान क्षेत्र में छोड़ा जा सकेगा। -रवि कुमार, कनिष्ठ अभियंता नहर एवं सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।
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